Home News प्रशासन अपनी ही लापरवाही पर पर्दा डालने में जुटा, अखबार की खबर के बाद जगी मंदाकिनी की सफाई की सुध; उधर लू से बेहाल जिले में अब भी नदारद हैं ठोस इंतजाम
ग्राउंड रिपोर्ट

प्रशासन अपनी ही लापरवाही पर पर्दा डालने में जुटा, अखबार की खबर के बाद जगी मंदाकिनी की सफाई की सुध; उधर लू से बेहाल जिले में अब भी नदारद हैं ठोस इंतजाम

| Chitrakoot, Uttar Pradesh | May 19, 2026, 05:01 PM IST WhatsApp
प्रशासन अपनी ही लापरवाही पर पर्दा डालने में जुटा, अखबार की खबर के बाद जगी मंदाकिनी की सफाई की सुध; उधर लू से बेहाल जिले में अब भी नदारद हैं ठोस इंतजाम

चित्रकूट। मौसम विभाग ने चित्रकूट समेत पूरे बुंदेलखंड के लिए लू का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। पारा सैंतालीस डिग्री के आंकड़े को छू रहा है और चौबीस मई तक गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। सरकारी मशीनरी भले ही स्कूलों की छुट्टी करके अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ बैठी हो, लेकिन सड़कों पर पसीना बहाते आम आदमी को अब भी हालात से जूझने के लिए अकेला छोड़ दिया गया है। दूसरी तरफ मंदाकिनी नदी की सफाई का जो अभियान आज युद्धस्तर पर शुरू हुआ है, उसके पीछे भी प्रशासन की अपनी फजीहत बचाने की कवायद ही नजर आती है।

जब अखबार ने खोली पोल, तब हरकत में आया प्रशासन
रामघाट पर मंदाकिनी नदी की तलहटी पिछले कई हफ्तों से काई और जलकुंभी की मोटी चादर से ढकी पड़ी थी। श्रद्धालु और स्थानीय लोग बदबू और गंदगी की शिकायत करते-करते थक चुके थे, लेकिन जिला प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। आखिरकार जब अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से छापा तो अफसरशाही की नींद टूटी। सोमवार सुबह अचानक मशीनें और मजदूर रामघाट पर उतर आए और सफाई का काम शुरू कर दिया गया। साफ है कि प्रशासन को जनता की तकलीफ से ज्यादा अपनी कुर्सी और अखबारों में छपी बदनामी की फिक्र सताती है। सवाल ये उठता है कि अगर अखबार में खबर न छपती तो क्या नदी की ये दुर्दशा यूं ही बदस्तूर जारी रहती?

ऑरेंज अलर्ट के बीच ठंडे पड़े इंतजाम
इधर मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट ने जिले की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी करके जैसे अपना दायित्व खत्म समझ लिया है, लेकिन बाकी कहीं कोई ठोस बंदोबस्त नजर नहीं आता। सड़कों पर लू से बचने के लिए न पीने के पानी की अस्थायी छबीलें, न कोई शेड और न ही अस्पतालों में इमरजेंसी वार्डों की अतिरिक्त तैयारी। बुंदेलखंड का आसमान आग बरसा रहा है और जिला प्रशासन एसी कमरों से मौसम के अपडेट लेने में व्यस्त है। अगर चौबीस मई तक लू का सितम जारी रहा तो प्रशासन के इन कागजी इंतजामों की असलियत सबके सामने आ जाएगी। फिलहाल चित्रकूट की जनता को न मंदाकिनी के पानी से राहत मिल रही है और न प्रशासन के कामकाज से कोई उम्मीद बंधती है।

SK NISHAD

Founder & Editor-in-Chief Uttar Pradesh , Chitrakoot
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My name is SK Nishad, the Founder of Dainik Dhamaka Patrika, a digital news platform dedicated to delivering accurate, reliable, and impactful news to the public. I am committed to responsible journalism and strive to highlight important issues with honesty, transparency, and integrity.
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