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चिलचिलाती धूप के बीच जिला चिकित्सालय में मरीज हलकान, उधर पहाड़ी के स्वास्थ्यकर्मी सड़क पर उतरने को तैयार

| Chitrakoot, Uttar Pradesh | May 19, 2026, 04:52 PM IST WhatsApp
चिलचिलाती धूप के बीच जिला चिकित्सालय में मरीज हलकान, उधर पहाड़ी के स्वास्थ्यकर्मी सड़क पर उतरने को तैयार

चित्रकूट। बुंदेलखंड का आसमान इस वक्त आग बरसा रहा है। थर्मामीटर सैंतालीस डिग्री का आंकड़ा पार कर चुका है और हर तरफ लू का सितम जारी है। ऐसे बेहाल करती गर्मी में अगर इंसान बीमार पड़ जाए तो उसे एक ही आस होती है कि अस्पताल पहुंचकर कुछ राहत मिलेगी, लेकिन चित्रकूट सदर अस्पताल का हाल देखकर मरीजों की वो आस भी टूटती नजर आ रही है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी के मुलाजिम तीन महीने से तनख्वाह न मिलने पर काला फीता बांधकर ड्यूटी कर रहे हैं और कल तक पैसा न आया तो इमरजेंसी छोड़ सब कुछ ठप करने की धमकी दे दी है। जिले की सेहत व्यवस्था पर इस वक्त दोहरी मार पड़ती दिख रही है।

अस्पताल की हकीकत
सोमवार की सुबह जिला अस्पताल की ओपीडी में जैसे ही कदम रखो, उमस और घुटन से सांस अटक जाती है। ज्यादातर पंखे या तो चल नहीं रहे या चल भी रहे हैं तो गर्म हवा उगल रहे हैं। जिन एसी की मरम्मत की बात बार-बार कही जाती है, वो बंद पड़े हैं। सबसे ज्यादा दुश्वारी गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है जो लू की चपेट में आकर यहां भर्ती हुए हैं। तीमारदार खुद पसीने से तरबतर हैं, बीमार का क्या हाल होगा ये समझा जा सकता है। जब इस बारे में अस्पताल प्रशासन से बात की गई तो मुख्य चिकित्साधीक्षक का बस इतना कहना था कि "गर्मी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं, अगर कहीं दिक्कत है तो ठीक करा दी जाएगी।" लेकिन ठीक होता दोपहर बीतने तक नजर नहीं आया।

पहाड़ी सीएचसी का गुस्सा
दूसरी तरफ पहाड़ी कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर माहौल बिल्कुल अलग किस्म की तल्खी लिए हुए है। यहां राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर काम कर रहे कर्मचारी और आशा बहुएं सोमवार को बांह पर काला फीता बांधकर ड्यूटी पर आईं। इनका गुस्सा तीन महीने से अटके वेतन और मानदेय को लेकर है। बीते कई हफ्तों से आश्वासन मिल रहे थे लेकिन खाते में पैसा नहीं आया तो अब सब्र का बांध टूट गया है।

वहां मौजूद राधे कृष्णा, शैलेंद्र और आशा बहुओं आनीता, मंजू, प्राची, रीता का कहना था कि "हम लोग पूरी ईमानदारी से सरकार की योजनाओं को गांव-गांव पहुंचा रहे हैं, मगर घर का चूल्हा जलाना मुहाल हो गया है। बच्चों की फीस से लेकर राशन तक का जुगाड़ उधारी पर चल रहा है।" इन कर्मचारियों ने जिला प्रशासन को साफ अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर बीस मई यानी कल तक पूरा बकाया भुगतान नहीं हुआ तो इक्कीस मई की सुबह से इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को ताले लगा दिए जाएंगे। कर्मचारियों के इस रुख से इलाके के दर्जनों गांवों में हड़कंप मच गया है क्योंकि पहाड़ी सीएचसी से बड़ी आबादी को दवा, टीकाकरण और प्रसव सेवाओं का सहारा रहता है।

प्रशासन की दुविधा
इधर जिला प्रशासन के सामने मुसीबतों का पहाड़ है। एक तो मौसम विभाग ने चित्रकूट समेत पूरे बुंदेलखंड के लिए हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है और चौबीस मई तक भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। इसी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। दूसरी ओर अगर कल तक पहाड़ी के स्वास्थ्यकर्मियों का भुगतान नहीं हुआ तो बुधवार से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी और गर्मी से पीड़ित मरीजों को भटकना पड़ेगा। लोगों की निगाहें अब कल यानी बीस मई की तारीख पर टिकी हैं। देखना ये है कि जिला प्रशासन इस दोहरी मार को कैसे संभालता है या फिर चित्रकूट की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाली के एक नए अध्याय में दाखिल हो जाती है।



क्या आपको लगता है कि जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।

SK NISHAD

Founder & Editor-in-Chief Uttar Pradesh , Chitrakoot
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My name is SK Nishad, the Founder of Dainik Dhamaka Patrika, a digital news platform dedicated to delivering accurate, reliable, and impactful news to the public. I am committed to responsible journalism and strive to highlight important issues with honesty, transparency, and integrity.
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