📊 विज्ञापन
अपने बिजनेस का विज्ञापन दें सिर्फ ₹50 में!
📊 विज्ञापन
अपने बिजनेस का विज्ञापन दें सिर्फ ₹50 में!
Home News बड़ा कैच-अप अभियान: 1.83 करोड़ बच्चों को लगी वैक्सीन, फिर भी 1.43 करोड़ शिशु छूटे
स्वास्थ्य

बड़ा कैच-अप अभियान: 1.83 करोड़ बच्चों को लगी वैक्सीन, फिर भी 1.43 करोड़ शिशु छूटे

RAM - Apr 25, 2026 10:17 AM IST 4 Views 0 0 Shares 0 Comments
बड़ा कैच-अप अभियान: 1.83 करोड़ बच्चों को लगी वैक्सीन, फिर भी 1.43 करोड़ शिशु छूटे
?‍⚕️ ब्रेकिंग: द बिग कैच-अप (BCU) अभियान ने 36 देशों में 1.83 करोड़ बच्चों को 10 करोड़ से अधिक वैक्सीन खुराकें दी हैं। इनमें 1.23 करोड़ "शून्य-खुराक" बच्चे और 1.5 करोड़ बच्चे शामिल हैं जिन्होंने कभी खसरे का टीका नहीं लिया। हालाँकि, 2024 में अकेले 1.43 करोड़ शिशु नियमित टीकाकरण से छूट गए।

? क्या है बिग कैच-अप अभियान?

बिग कैच-अप (BCU) एक ऐतिहासिक बहु-वर्षीय, बहु-देशीय प्रयास था, जिसे Gavi, WHO और UNICEF ने संयुक्त रूप से चलाया। इसका मुख्य उद्देश्य उन बच्चों तक टीके पहुंचाना था, जो COVID-19 महामारी के कारण नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे। खासतौर पर 1 से 5 साल के बच्चों पर फोकस किया गया, जिन्हें एक साल की उम्र से पहले ही ज़रूरी टीके मिल जाने चाहिए थे।

यह अभियान मार्च 2026 में समाप्त हुआ और अपने लक्ष्य – कम से कम 2.1 करोड़ असंबद्ध और कम-संबद्ध बच्चों तक पहुंचने – के काफी करीब है।

? प्रमुख आंकड़े (2023-2025)

  • 1.83 करोड़ बच्चे (1-5 वर्ष) 36 देशों में पहुंचे
  • 10 करोड़+ जीवनरक्षक वैक्सीन खुराकें
  • 1.23 करोड़ "शून्य-खुराक" बच्चे (जिन्हें पहले कोई टीका नहीं मिला)
  • 1.5 करोड़ बच्चे जिन्होंने कभी खसरे का टीका नहीं लिया
  • 2.3 करोड़ IPV (पोलियो) खुराकें असंबद्ध/कम-संबद्ध बच्चों को

? किन देशों को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ?

भाग लेने वाले 36 देश अफ्रीका और एशिया में हैं, जो दुनिया के 60% शून्य-खुराक बच्चों के लिए जिम्मेदार हैं। 12 देशों ने 5 साल से कम उम्र के 60% से अधिक शून्य-खुराक बच्चों को कवर किया:

  • ?? इथियोपिया – 25 लाख+ शून्य-खुराक बच्चों को DTP1 मिली, 50 लाख IPV और 40 लाख+ खसरे की खुराकें
  • ?? नाइजीरिया – 20 लाख शून्य-खुराक बच्चों को DTP1, 34 लाख IPV
  • ?? पाकिस्तान, ?? केन्या, ?? तंजानिया, ?? जाम्बिया, ?? बुर्किना फासो और अन्य

⚠️ क्या अभियान पूरी तरह सफल रहा?

हाँ, बिग कैच-अप ने 2.1 करोड़ बच्चों के लक्ष्य को लगभग हासिल कर लिया है। लेकिन WHO, UNICEF और Gavi ने साफ चेतावनी दी है कि रूटीन टीकाकरण में अभी भी बहुत बड़ा अंतराल है।

? चौंकाने वाला तथ्य: साल 2024 में दुनियाभर में अनुमानित 1.43 करोड़ शिशु (एक साल से कम उम्र के) ऐसे थे जिन्हें नियमित टीकाकरण के तहत एक भी टीका नहीं मिला।

इसका मतलब है कि महामारी में छूटे तो कई बच्चे पकड़े गए, लेकिन हर साल नए शिशु भी टीकाकरण से वंचित रह जाते हैं – संघर्ष, विस्थापन, फंडिंग कटौती और कमजोर स्वास्थ्य प्रणालियों के कारण।

? खसरे का बढ़ता कहर

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दुनियाभर में खसरे के लगभग 11 करोड़ मामले सामने आए। बड़े प्रकोप (आउटब्रेक) का सामना करने वाले देशों की संख्या 2021 से लगभग तीन गुना बढ़ गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी जड़ है नियमित टीकाकरण में लगातार अंतराल और कुछ क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर बढ़ती झिझक।

?️ क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

“बिग कैच-अप दिखाता है कि जब सरकारें, भागीदार और समुदाय एकजुट हों, तो सबसे कमजोर बच्चों तक भी जीवनरक्षक टीके पहुंचाए जा सकते हैं।”

डॉ. सानिया निश्तर, CEO, Gavi, द वैक्सीन अलायंस

“कोविड-19 के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान से जो बच्चे छूट गए थे, बिग कैच-अप ने महामारी के उस बड़े नकारात्मक प्रभाव को पूर्ववत करने में मदद की है।”

डॉ. टेड्रोस अदनॉम घेब्रेयसस, WHO महानिदेशक

“हमने महामारी में छूटे कुछ बच्चों को तो पकड़ लिया, लेकिन कई और अभी भी पहुंच से बाहर हैं। बिग कैच-अप के फायदे मजबूत, भरोसेमंद टीकाकरण प्रणालियों में निवेश से ही बने रहेंगे।”

कैथरीन रसेल, Executive Director, UNICEF

?️ आगे की राह: रूटीन टीकाकरण ही असली समाधान

बड़े पैमाने पर कैच-अप अभियान संसाधन-गहन होते हैं और ये केवल एक अंतराल-भरने वाला उपाय है। विशेषज्ञों के अनुसार:

  • ✔️ रूटीन टीकाकरण कार्यक्रमों का विस्तार सबसे टिकाऊ समाधान है।
  • ✔️ शून्य-खुराक बच्चों और कठिन इलाकों पर फोकस बढ़ाना होगा।
  • ✔️ देशों को टीकाकरण में घरेलू निवेश बढ़ाना होगा।
  • ✔️ वैक्सीन को लेकर गलतफहमियों को दूर करना ज़रूरी है।

? विश्व टीकाकरण सप्ताह 2026 की थीम

“हर पीढ़ी के लिए, टीके काम करते हैं” (For every generation, vaccines work)

WHO, UNICEF और Gavi, द वैक्सीन अलायंस एक साथ संदेश दे रहे हैं – टीके सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षा कवच हैं।

? निचोड़: बिग कैच-अप ने दिखाई राह, लेकिन मंजिल अभी दूर

बिग कैच-अप ने साबित कर दिया कि अगर नेतृत्व, निवेश और राजनीतिक इच्छाशक्ति हो, तो लाखों बच्चों की जान बचाई जा सकती है। लेकिन तब तक हम सुरक्षित नहीं हैं जब तक हर साल पैदा होने वाला हर बच्चा नियमित टीकाकरण की गोद में न आ जाए।

? क्या करें? अभिभावक, समुदाय और स्वास्थ्य कार्यकर्ता मिलकर हर बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित करें। यह अधिकार भी है और सामूहिक जिम्मेदारी भी।


स्रोत: Gavi, WHO, UNICEF की संयुक्त रिपोर्ट (अप्रैल 2026) | रिपोर्ट: द बिग कैच-अप, विश्व टीकाकरण सप्ताह 2026
नोट: यह सिर्फ शैक्षिक/सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी किसी सलाह के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

RAM

Senior Reporter Delhi , New Delhi
View All Posts
NA
Tags:
कोई टैग नहीं

टिप्पणियाँ (0)

कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें!

एक टिप्पणी लिखें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

विज्ञापन

जिला समाचार

📊 विज्ञापन
अपने बिजनेस का विज्ञापन दें सिर्फ ₹50 में!