US-Iran War Update: पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता पर संकट, ईरान ने अमेरिका को दी 'अंतिम' चेतावनी!
US-Iran War Update: पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता पर संकट, ईरान ने अमेरिका को दी 'अंतिम' चेतावनी!
इस्लामाबाद/तेहरान: मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच एक बड़ी खबर पाकिस्तान से आ रही है। जहाँ एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान इन दोनों देशों को मेज पर लाने की आखिरी कोशिशों में जुटा है। हालांकि, समंदर में हुई ताज़ा झड़प के बाद अब इस 'शांति वार्ता' के भविष्य पर सवालिया निशान लग गए हैं।
पाकिस्तान की 'अग्निपरीक्षा', क्या टल जाएगा महायुद्ध?
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की सरकार ने पिछले 24 घंटों में वाशिंगटन और तेहरान के साथ राजनयिक संपर्क तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान का लक्ष्य मंगलवार को प्रस्तावित बातचीत को हर हाल में शुरू कराना है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि वे तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों के संपर्क में हैं, लेकिन जमीनी हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं।
ईरान का सख्त रुख: "अमेरिका का दोहरा चेहरा आया सामने" ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से बात करते हुए अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, अराघची ने कहा कि एक तरफ अमेरिका बातचीत का ढोंग कर रहा है और दूसरी तरफ ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर हमले कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी धमकियां वाशिंगटन की "बदनीयती" का सबूत हैं।
आज के प्रमुख घटनाक्रम:
- सीजफायर पर संकट: बुधवार को मौजूदा संघर्षविराम (Ceasefire) खत्म हो रहा है। अगर उससे पहले बातचीत शुरू नहीं हुई, तो खाड़ी में भीषण जंग छिड़ सकती है।
- ट्रंप का अगला कदम: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी वार्ताकारों को सोमवार को इस्लामाबाद भेजने का ऐलान किया था, लेकिन ईरानी जहाज 'तौस्का' पर हमले के बाद अब तक यह साफ नहीं है कि अमेरिकी टीम पाकिस्तान पहुंचेगी या नहीं।
- हाई-लेवल मीटिंग: इस्लामाबाद में सुरक्षा और विदेश मंत्रालय के अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं और लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं।
रविवार को अमेरिकी नौसेना द्वारा एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त किए जाने के बाद से ईरान का सैन्य कमान गुस्से में है। ईरान इसे 'समुद्री डकैती' मान रहा है, जबकि अमेरिका इसे 'ब्लॉकैड' (नाकेबंदी) का उल्लंघन बता रहा है। इन हालातों में पाकिस्तान के लिए दोनों देशों को एक कमरे में बिठाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। अगर अगले 24 घंटों में कूटनीतिक रास्ता नहीं निकला, तो दुनिया एक बड़े ऊर्जा और सुरक्षा संकट की ओर बढ़ सकती है। अब सबकी नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं।
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