वाशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी मालवाहक जहाज (Iranian Cargo Ship) को न केवल रोका, बल्कि उस पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया है। इस घटना ने दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मचा दिया है, खासकर कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर आग पकड़ ली है। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को 'तौस्का' (Touska) नाम का ईरानी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी गाइड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरानी जहाज को रुकने की कई चेतावनियां दी थीं। जब जहाज नहीं रुका, तो अमेरिकी नौसेना ने उसके इंजन रूम में छेद कर दिया, जिससे जहाज वहीं रुक गया। फिलहाल अमेरिकी मरीन ने जहाज को चारों तरफ से घेर लिया है और उसकी तलाशी ली जा रही है।
इस घटना के बाद ईरान का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने इसे 'समुद्री डकैती' करार दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि वह इस हमले का करारा जवाब देगा। जानकारों का मानना है कि इस घटना से पिछले कुछ दिनों से जारी 'नाजुक संघर्षविराम' (Ceasefire) अब पूरी तरह खत्म हो सकता है।
प्रमुख अपडेट्स जो आपको जानने चाहिए:
- 6 घंटे की चेतावनी: अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, कार्रवाई से पहले जहाज को रुकने के लिए 6 घंटे तक लगातार सिग्नल दिए गए थे।
- सोमवार को पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता: होनी थी, लेकिन अब इस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
- तेल संकट: इस तनाव की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन बाधित होने का डर है, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम वैश्विक स्तर पर बढ़ सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। अगर यहां युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो दुनिया भर में दशकों का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट (Energy Crisis) पैदा हो सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या ईरान पलटवार करेगा या बातचीत का रास्ता खुलेगा? यह आने वाले 48 घंटे तय करेंगे।




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