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इटावा: एसएसपी ऑफिस के बाहर पति ने खाया जहर, पत्नी के अपहरण में पुलिस की लापरवाही का आरोप

| Etawah, Uttar Pradesh | May 18, 2026, 04:32 PM IST WhatsApp
इटावा: एसएसपी ऑफिस के बाहर पति ने खाया जहर, पत्नी के अपहरण में पुलिस की लापरवाही का आरोप

इटावा। कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के बाहर सोमवार सुबह अफरातफरी मच गई। थाना इकदिल क्षेत्र के रायपुर गांव का रहने वाला एक युवक अपनी पत्नी के अपहरण की शिकायत लेकर वहां पहुंचा और कहासुनी के बाद अचानक उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और फरियादियों ने किसी तरह उसे पकड़ा और सिविल लाइन थाने की पुलिस ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।


असल घटना क्या है

पीड़ित युवक का नाम शिशुपाल सिंह है। वह थाना इकदिल क्षेत्र के रायपुर गांव का रहने वाला है। वह बताता है कि 5 अप्रैल को उसकी पत्नी को काली भट्ठा चौराहे के पास खेत से कुछ लोग जबरन उठा ले गए थे। उसका आरोप है कि गांव के ही जितेंद्र और अवनीश ने उसे बताया था कि कमलेश और सतेंद्र ने उसकी पत्नी को अगवा किया है। लेकिन ये नाम शुरुआती जानकारी में सामने आए हैं, अब तक पुलिस ने इनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है।

पीड़ित का कहना है कि पिछले 43 दिनों से वह लगातार थाना इकदिल के चक्कर काट रहा था। उसने कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। थाने से निराश होकर वह सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचा, ताकि आला अधिकारियों को अपनी व्यथा सुना सके। लेकिन वहां भी जब सुनवाई नहीं हुई, तो उसने यह कदम उठा लिया।

शिशुपाल के परिवार वालों का कहना है कि पिछले डेढ़ महीने से उसकी तबीयत भी खराब चल रही थी। नींद न आने की बीमारी हो गई थी। बिना पत्नी के घर सूना हो गया है।


पुलिस का क्या कहना है

घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसएसपी कार्यालय के बाहर यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल थाना इकदिल पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिशुपाल की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि पिछले 43 दिनों में ऐसा क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब अभी तक पुलिस ने नहीं दिया है।

एसएसपी कार्यालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिशुपाल की शिकायत थाना स्तर पर ही दब गई थी। अब वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला आ गया है।


कानून में अपहरण की क्या सजा है

भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत अगर कोई व्यक्ति किसी को उसकी मर्जी के खिलाफ उठा ले जाता है या बहकाकर ले जाता है, तो उसे सात साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। यह एक संज्ञेय अपराध है, मतलब पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है। यह अपराध जमानती है, लेकिन समझौता करने योग्य नहीं है। यानी पीड़ित और आरोपी आपस में मामला रफा-दफा नहीं कर सकते। अदालत को ही फैसला करना होता है।

शिशुपाल ने अपनी शिकायत में जिन लोगों के नाम लिए हैं, अगर उनके खिलाफ धारा 363 के तहत मामला बनता है और अदालत में दोष साबित होता है, तो उन्हें सात साल तक की सजा हो सकती है।


शिशुपाल की हालत अब कैसी है

जिला अस्पताल में भर्ती शिशुपाल की हालत पहले गंभीर थी, लेकिन अब डॉक्टरों के मुताबिक वह खतरे से बाहर है। उसे मेडिसिन वार्ड में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि उसने जो जहरीला पदार्थ खाया था, वह ज्यादा मात्रा में नहीं था, इसलिए जान बच गई। फिर भी उसकी निगरानी जारी है। पुलिस ने उसके परिजनों को भी सूचना दे दी है, जो अस्पताल पहुंच चुके हैं। परिजनों का कहना है कि शिशुपाल अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था और उसके बिना वह टूट चुका था।


क्या यह पहली बार हुआ है

बिल्कुल नहीं। उत्तर प्रदेश में पुलिस की लापरवाही से परेशान होकर लोगों के एसएसपी या डीएम कार्यालय के बाहर जहर खाने के मामले पहले भी आ चुके हैं। पिछले साल बदायूं में भी एक युवक ने यही कदम उठाया था। 2023 में इटावा में ही एक सिपाही 2 साल के बेटे का शव लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंच गया था, क्योंकि उसे छुट्टी नहीं मिली थी। यानी मामला नया नहीं है, लेकिन हर बार ऐसा होने के बाद भी कोई बदलाव नहीं आता।


शिशुपाल की यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की व्यथा नहीं है। यह उस सिस्टम पर सवाल है जहां आम आदमी को न्याय पाने के लिए अपनी जान दांव पर लगानी पड़ रही है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाती है और क्या शिशुपाल को उसकी पत्नी वापस मिल पाती है। फिलहाल सबकी निगाहें थाना इकदिल पुलिस पर टिकी हैं।


SK NISHAD

Founder & Editor-in-Chief Uttar Pradesh , Etawah
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My name is SK Nishad, the Founder of Dainik Dhamaka Patrika, a digital news platform dedicated to delivering accurate, reliable, and impactful news to the public. I am committed to responsible journalism and strive to highlight important issues with honesty, transparency, and integrity.
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