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पत्रकार सुघर सिंह के समर्थन में अन्नदाता किसान यूनियन का प्रदर्शन, गाली धमकी देने वाले युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग

पत्रकार सुघर सिंह के समर्थन में अन्नदाता किसान यूनियन का प्रदर्शन, गाली धमकी देने वाले युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग

पत्रकार सुघर सिंह के समर्थन में अन्नदाता किसान यूनियन का प्रदर्शन, गाली धमकी देने वाले युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग

इटावा । सैफई के वरिष्ठ पत्रकार सुघर सिंह को मिल रही लगातार धमकियों और अभद्र भाषा के विरोध में अन्नदाता किसान यूनियन व इलेक्ट्रॉनिक एव प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी खुलकर सामने आ गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने इटावा में एसएसपी की गैर मौजूदगी में सीओ सिटी को ज्ञापन सौंपा, व थाना बकेवर पहुंचकर एसओ विपिन मलिक क

के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की। अन्यथा दोनो संगठन के पदाधिकारी धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।


ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम इंद्रावखी निवासी उज्जवल सिंह पिछले एक सप्ताह से पत्रकार सुघर सिंह को सोशल मीडिया के माध्यम से गंदी-गंदी गालियां दे रहा है और लगातार धमकी भी दे रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी द्वारा फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर अपमानजनक टिप्पणियां करना, स्क्रीनशॉट वायरल करना और पत्रकार की छवि धूमिल करने की कोशिश भी की जा रही है।

अन्नदाता किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के कानपुर मंडल प्रभारी राजीव यादव, जिला संरक्षक मेघ सिंह वर्मा, जिलाध्यक्ष सैफ तैमूरी, जिला प्रभारी सर्वेंद्र कुशवाहा सहित मनोज कुमार, इमरान, रजनीश यादव, करुणानिधि और अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी गंभीर शिकायत के बावजूद बकेवर पुलिस अब तक मौन बनी हुई है, आरोपी घर पर मौजूद है लेकिन उसके बाद भी अभी तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी नही की। जिससे किसान नेताओ व पत्रकारों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो अन्नदाता किसान यूनियन व इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी इटावा कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि पत्रकारों के साथ इस प्रकार का व्यवहार होता रहेगा और पुलिस निष्क्रिय बनी रहेगी, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा।

अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।


👉 आरोपी द्वारा सोशल मीडिया पर असलाह का प्रदर्शन, पुलिस मौन

आरोपी द्वारा 24 अप्रैल को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक राइफल पकड़ कर व रिवाल्वर रखकर दबंगई का गाना लगाकर एक ही तरह के कई वीडियो वायरल किये जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की गई लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुई।

आरोपी के पास रायफल रिवाल्वर क्यों है इसका जवाब पुलिस नहीं दे पा रही है। इस मामले की ट्विटर पर शिकायत की गई जिस पर डीजीपी, एडीजी, डीआईजी, ने बकेवर पुलिस को कार्यवाही का आदेश जारी का दिया लेकिन उसके बाद भी आरोपी पर कोई कार्यवाही नही हुई।

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Etawah, Uttar Pradesh

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पाठकों की प्रतिक्रियाएं
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Arun Yadav May 06, 2026 - 01:26 PM

सोशल मीडिया पर पत्रकारों को धमकियां देना और अभद्र भाषा का प्रयोग करना बेहद निंदनीय है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई जरूरी है, ताकि पत्रकार बिना डर के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
Dainik Dhamaka Patrika द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने वाला कदम है।


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