सैफई (इटावा) फेसबुक व्हाट्सअप पर सैफई के सुघर सिंह पत्रकार को गाली-गलौज, धमकी और अभद्र टिप्पणियां करना चार फेसबुक यूजर को महंगा पड़ गया है। थाना सैफई पुलिस ने चार फेसबुक यूजर के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करके जांच कर दी है। जिसमें राघवेंद्र यादव नगला भजू का नाम प्रकाश में आया है बाकी आरोपियों के लिए पुलिस साइबर सेल की सहायता ले रही है।
सैफई के सुघर सिंह पत्रकार ने बताया कि चुनाव से पूर्व असित यादव पत्रकार की मौजूदगी में सपा लोकसभा प्रत्याशी जितेंद्र दोहरे द्वारा बसरेहर कृपालपुर में स्थित गुरुगोरखनाथ के मंदिर में पूजा करने के बाद वादा किया गया था कि अगर वह चुनाव जीते तो इस मंदिर एक वाटर फ्रीजर व हाई मास्ट लाइट लगवाएंगे। जितेन्द्र दोहरे चुनाव जीत गए और उन्होंने इटावा औरैया और कानपुर देहात क्षेत्र में 390 हाई मास्ट लाइट लगवा दी। आरोप है कि लगभग 200 से अधिक जगह निजी लोगों को अवैध तरीक़े से लाइट देकर फायदा पहुंचाया गया। खुद अपने भतीजे के भट्टे पर भी लाइट लगवा दी। मछली पालन केंद्र पर भी लाइट लगवाई गयी। लेकिन मंदिर के लिए लाइट नही दी तो असित पत्रकार द्वारा उक्त मुद्दा सोशल मीडिया पर उठाया गया। तो मैने भी गुरु गोरखनाथ व जाहरवीर बाबा का भक्त होने के नाते फेसबुक पर पोस्ट लिखकर लाइट व वाटर फ्रीजर देने के लिए निवेदन किया। इस पर सांसद खुन्नस मान गए और अपने कार्यकर्ता राघवेंद्र यादव नगला भजू थाना बकेवर जिला इटावा से दलाल व भडुये जैसे आपत्तिजनक भाषा लिखकर ट्रोल कराया और उससे फेसबुक पर पोस्ट लिखकर मेरे व असित पत्रकार के हाथ और नाक काटने वाले को एक एक लाख का इनाम देने की घोषणा की। इसके अलावा दिलीप, बीपी यादव आर्यन यादव ने गंदी गाली दी। आर्यन यादव ने एआई से फर्जी कॉल रिकॉर्डिंग बनाकर अपने फेसबुक पर बायरल की। कानपुर घटना से जुड़े 6 साल पुराने वीडियो अपलोड करके बायरल कर छवि खराब की। और जातिसूचक गालियां दी। व पत्नी के बारे में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। यह लोग व इनसे जुड़े लोग लगातार आज तक ट्रोल कर रहे है सुघर सिंह ने बताया कि इस पूरे प्रकरण से जुड़े लगभग 18 -20 अन्य लोगों फेसबुक यूजरों द्वारा भी जातिसूचक टिप्पणियां, धमकी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के नाम भी विवेचना के दौरान शामिल कराए जाएंगे।
थाना सैफई पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि लोकतंत्र में पत्रकारों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सोशल मीडिया पर गाली-गलौज व धमकी देने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।




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