कौशाम्बी पुलिस का कमाल: 13 थानों से 102 मोबाइल बरामद, CEIR पोर्टल की मदद से हर फोन पहुँचा मालिक तक
कौशाम्बी पुलिस का कमाल: 13 थानों से 102 मोबाइल बरामद, CEIR पोर्टल की मदद से हर फोन पहुँचा मालिक तक
कौशाम्बी। जिले की पुलिस ने बुधवार को एक साथ 102 खोए-चोरी हुए मोबाइल फोनों को बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिया। करीब 23 लाख रुपये की अनुमानित कीमत वाले इन फोनों की रिकवरी ने न सिर्फ पुलिस की कार्यशैली की तारीफ कराई, बल्कि उन सैकड़ों लोगों के चेहरों पर राहत ला दी जो अपना कीमती डेटा और निजी जानकारी खो चुके थे। खास बात यह रही कि इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की तकनीकी मदद ली, जो चोरी और गुमशुदा मोबाइल ट्रैक करने का केंद्रीय सरकार का डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
दरअसल, जनपद के विभिन्न थानों में समय-समय पर मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और गुम होने की शिकायतें दर्ज होती रहती हैं। इन सभी को CEIR पोर्टल पर फीड किया जाता है, जो फोन की IMEI नंबर के आधार पर उसे ट्रैक करता है। कौशाम्बी पुलिस के सर्विलांस सेल और हर थाने में तैनात कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने पिछले कुछ हफ्तों से इन लंबित शिकायतों पर लगातार काम किया। तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इनपुट के जरिए एक-एक फोन को ढूँढकर बरामद किया गया, फिर संबंधित शिकायतकर्ता को बुलाकर विधिवत सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्री सत्यनारायण के निर्देश पर चले इस अभियान में 13 थानों की टीमें शामिल रहीं।
बरामदगी के मामले में थाना सराय अकिल अव्वल रहा, जिसने 15 मोबाइल फोन खोज निकाले। थाना सैनी और थाना पश्चिम शरीरा ने 14-14 फोन बरामद कर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा थाना करारी और चरवा से 10-10, मंझनपुर से 9, कोखराज से 8, कड़ाधाम से 7, महेवाघाट से 5, कौशाम्बी और पिपरी से 3-3, तथा मोहब्बतनपुर पइंसा और संदीपनघाट से 2-2 मोबाइल बरामद हुए।
सीईआईआर (ceir.gov.in) भारत सरकार का एक सिटिजन पोर्टल है, जिस पर कोई भी नागरिक अपना खोया या चोरी हुआ मोबाइल फोन रजिस्टर कर सकता है। एक बार शिकायत दर्ज होने के बाद पोर्टल पूरे देश में उस फोन की IMEI ट्रैकिंग करता है और किसी भी कोने में मिलने पर संबंधित पुलिस को अलर्ट करता है। खास बात यह है कि अब थाने जाए बिना भी घर बैठे इस पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर लोगों को इस पोर्टल की जानकारी न होने के कारण वे पुलिस के पास तहरीर देते हैं, जिसे बाद में पुलिस खुद CEIR पर अपलोड करती है।
जिन लोगों को अपने फोन वापस मिले, उनमें से कई ने बताया कि उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी कि फोन कभी वापस मिलेगा। एक लाभार्थी ने कहा, "फोन से ज्यादा मेरे लिए उसमें पड़ा डेटा कीमती था—बच्चों की फोटो, जरूरी दस्तावेज और बैंक डिटेल। पुलिस ने जो किया, वह काबिले-तारीफ है।" वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थानों के कम्प्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान जारी रहेगा और जल्द ही और फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए जाएंगे। उन्होंने आम जनता से अपील की कि मोबाइल खोने या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि रिकवरी की संभावना बढ़ सके।
कौशाम्बी पुलिस का यह प्रयास दिखाता है कि तकनीक के सही उपयोग से न केवल अपराध नियंत्रण, बल्कि आम जनता की मदद भी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। 102 मोबाइलों की यह बरामदगी महज आँकड़ा नहीं, बल्कि 102 परिवारों का पुलिस पर बढ़ा भरोसा है।
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