कौशाम्बी : उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। जनपद कौशाम्बी की एक विशेष अदालत ने आज गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी करार दिए गए कुख्यात अपराधी नन्हा यादव को 3 वर्ष 8 माह के कठोर कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड की सज़ा सुनाई। यह फैसला पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे #OperationConviction के अंतर्गत त्वरित विवेचना व प्रभावी पैरवी का नतीजा है।
यह पूरा मामला वर्ष 2022 का है, जब थाना मोहब्बतपुर पंईसा पुलिस ने एक संगठित अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रमेश चन्द्र गश्त के दौरान बल सहित ग्राम पठकन पुरवा क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम महन्दापुर (थाना मंझनपुर) का रहने वाला नन्हा यादव एक सुनियोजित गिरोह का सरगना है। उसके साथ सुभाष पटेल (पठकन पुरवा), मनोज कुमार (जगन्नाथपुर) और शीबू (सिराथू, थाना सैनी) सक्रिय सदस्य हैं। यह गिरोह कौशाम्बी और फतेहपुर जिलों में लूट, मारपीट समेत कई जघन्य अपराधों को अंजाम देकर आर्थिक व भौतिक लाभ अर्जित कर रहा था और इलाके में दहशत कायम कर चुका था।
गिरोह के बढ़ते आतंक और आम जनता की शिकायतों के आधार पर तत्कालीन एसएचओ रमेश चन्द्र ने एक विस्तृत गैंग चार्ट तैयार किया, जिसे जिलाधिकारी कौशाम्बी से अनुमोदित कराया गया। इसके बाद 3 अगस्त 2022 को मुकदमा संख्या 107/2022 के तहत सभी चारों अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 2/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। विवेचना उप पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र प्रसाद तिवारी ने की, जिन्होंने गिरोह की आपराधिक गतिविधियों, सदस्यों के आपसी संबंधों और अपराधों से अर्जित संपत्तियों का वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर मजबूत आरोप पत्र दाखिल किया।
‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के लिए चिन्हित इस केस में अभियोजन पक्ष ने पुख्ता गवाहों और दस्तावेजी सबूतों के बूते सफल पैरवी की। न्यायालय ने सोमवार को एक राय होकर गिरोह के सरगना नन्हा यादव को दोषी मानते हुए उक्त सज़ा सुनाई। हालांकि अन्य आरोपियों के विरुद्ध विचारण प्रक्रिया अभी न्यायालय में लंबित है।
“यह सज़ा उन अपराधियों के लिए चेतावनी है जो संगठित होकर जनता में भय का माहौल बनाते हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण विवेचना ने आज साबित कर दिया कि कानून कितना भी देर से लगे, मगर सलाखों तक ज़रूर पहुँचाता है,” विवेचना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
स्थानीय ग्रामीणों ने कोर्ट के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि गिरोह की वजह से चार साल पहले हर कोई खौफ में जी रहा था, पुलिस में शिकायत करने तक की हिम्मत नहीं होती थी। अब न्याय मिलने से सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। कौशाम्बी पुलिस अधीक्षक ने सभी विवेचकों और पैरोकारों की पीठ थपथपाते हुए भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
गौरतलब है कि #OperationConviction के तहत यूपी पुलिस लंबित और जघन्य मामलों में दोष सिद्धि की गति बढ़ा रही है, जिससे पिछले कुछ महीनों में अनेक आदतन अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है।




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