चित्रकूट में बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट: नालों की सफाई के सख्त निर्देश, टैक्स वसूली पर जोर, क्या इस बार बचेंगे जलभराव से?
चित्रकूट में बारिश से पहले प्रशासन अलर्ट: नालों की सफाई के सख्त निर्देश, टैक्स वसूली पर जोर, क्या इस बार बचेंगे जलभराव से?
चित्रकूट।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय की अध्यक्षता
में सोमवार को नगर निकायों की कार्यप्रगति और आगामी वर्षा ऋतु की
तैयारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक हुई। बैठक में नगर पालिका परिषद
चित्रकूटधाम, नगर पंचायत मानिकपुर और मऊ को साफ निर्देश दिए गए कि बारिश
शुरू होने से पहले सभी नालों की सफाई समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी
कर ली जाए। यह निर्देश ऐसे वक्त आया है जब हर साल जलभराव की शिकायतें
प्रशासन की इसी तैयारी पर सवाल खड़े करती हैं।
बैठक
में साफ कहा गया कि नालों से निकाली गई सिल्ट और गाद का तत्काल निस्तारण
किया जाए, ताकि सफाई के नाम पर कूड़ा सड़कों पर न पड़ा रहे। जलभराव की
आशंका वाले इलाकों को चिन्हित कर वहाँ प्राथमिकता से निवारक कार्रवाई करने
का निर्देश दिया गया। अब देखना यह है कि कागजों पर चिन्हित ये इलाके जमीन
पर भी उतनी ही गंभीरता से निपटाए जाते हैं या नहीं, क्योंकि पिछले अनुभव
बताते हैं कि हर बरसात में कुछ मोहल्लों का पानी घुटनों तक जरूर पहुँचता
है।
समीक्षा
के दौरान कर और करेत्तर वसूली की प्रगति का भी मूल्यांकन हुआ। सभी नगर
निकायों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने
के निर्देश दिए गए। जहाँ एक ओर प्रशासन अपनी राजस्व वसूली को पटरी पर लाना
चाहता है, वहीं आम जनता के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या वसूली के
इस दबाव के बीच मूलभूत सुविधाओं का भी उतना ही ध्यान रखा जाएगा? यूजर
चार्ज, नजूल भूमि और संपत्ति रजिस्टर की समीक्षा भी इसी कड़ी का हिस्सा
रही।
बैठक
में GeM पोर्टल से जुड़े लंबित कार्यों को जल्द निपटाने और 15वें वित्त
आयोग के तहत चल रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर खास जोर
दिया गया। प्रशासन की यह सख्ती इस बात का संकेत है कि विकास कार्यों में
होने वाली देरी और गुणवत्ता से समझौते पर अब नजर रखी जा रही है।
बैठक
में गौशालाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को गौवंशों के
लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, छाया, नियमित सफाई और चिकित्सा सुविधाएँ
सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है। स्थानीय पशु
प्रेमियों का मानना है कि अगर नियमित निरीक्षण के निर्देशों पर सख्ती से
अमल हुआ, तो इसका सीधा लाभ बेजुबान गौवंशों को मिलेगा।
प्रशासन की इस सक्रियता के बीच चित्रकूट की जनता की निगाहें अब आसमान की ओर उठने से पहले सड़कों और नालों पर टिक गई हैं। देखना होगा कि इस बार बरसात में सड़कें पानी से लबालब होती हैं या प्रशासन की तैयारी सचमुच जमीन पर उतरती दिखेगी।
जिला समाचार
-
-
-
-
चित्रकूट : यमुना किनारे खनन के गड्ढे ने ली एक मासूम की जान!Jun 12, 2026 80 -
-
-
-
-
-
अपनी राय व्यक्त करें (कमेंट्स)
पाठकों की प्रतिक्रियाएं
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। अपनी राय साझा करें!