चित्रकूट: हैसियत से ज़्यादा दहेज देकर भी नहीं बच पाई बेटी, पति-ससुर गिरफ्तार
चित्रकूट: हैसियत से ज़्यादा दहेज देकर भी नहीं बच पाई बेटी, पति-ससुर गिरफ्तार
चित्रकूट। हैसियत से ज़्यादा दान-दहेज देने के बाद भी जब ससुराल वालों की भूख नहीं मिटी, तो उन्होंने ब्याहता बेटी को ही मौत के घाट उतार दिया। शादी के महज 16 महीने के भीतर 20 वर्षीय साधना की दहेज की बलि चढ़ा दी गई। भरतकूप पुलिस ने आज मृतका के पति और ससुर को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। फिलहाल सास, देवर और चाचा ससुर की तलाश जारी है।
दरअसल,
थाना भरतकूप क्षेत्र के भरथौल गाँव निवासी सुशील कुमार द्विवेदी ने 21
अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना दी कि उनकी पुत्री साधना (20) की शादी 18
जनवरी 2025 को उसी गाँव के योगेन्द्र मिश्रा पुत्र विनोद कुमार मिश्रा के
साथ हुई थी। सुशील ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया, सोने-चाँदी के
जेवरात भी दिए, लेकिन ससुराल वालों को इससे भी संतोष नहीं हुआ।
पिता
का आरोप है कि साधना का पति योगेन्द्र मिश्रा, सास, ससुर विनोद कुमार
मिश्रा, देवर शुभम मिश्रा और चाचा ससुर चन्द्र भूषण मिश्रा सभी मिलकर उसे
अतिरिक्त दहेज की माँग को लेकर आए दिन प्रताड़ित करते थे। एक दिन सुबह मामा
के लड़के ने फोन कर बताया कि साधना को उसके पति और ससुराल वालों ने मार
डाला है। इस सूचना पर थाना भरतकूप में मुकदमा संख्या 60/26, धारा 80(2), 85
बीएनएस और 3/4 डीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू की गई।
पुलिस
अधीक्षक चित्रकूट अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की
धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक पीयूषकान्त राय
और क्षेत्राधिकारी नगर यामिन अहमद के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक
भरतकूप उपेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। आज 07 जून
2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर उप निरीक्षक वीरेन्द्र राम की टीम ने
आरोपी पति योगेन्द्र मिश्रा उर्फ नन्हा और ससुर विनोद कुमार मिश्रा उर्फ
राजा को भरथौल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में कांस्टेबल
अखिलेश तोमर, कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह और चालक कांस्टेबल प्रवीण पाण्डेय
शामिल रहे।
पुलिस
का कहना है कि फरार चल रहे अन्य आरोपियों—सास, देवर शुभम मिश्रा और चाचा
ससुर चन्द्र भूषण मिश्रा—की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पकड़े गए
दोनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर
दी गई है।
इस घटना ने एक बार फिर इस सवाल को ज़िंदा कर दिया है कि आखिर दहेज जैसी कुप्रथा कब तक बेटियों की जान लेती रहेगी? जिस बाप ने अपनी हैसियत से बढ़कर बेटी की शादी में सब कुछ लुटा दिया, उसी बेटी की असामयिक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
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