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26 मई का इतिहास: जब करगिल की चोटियों पर पहली बार गरजे लड़ाकू विमान और 30 साल बाद दिल्ली में बनी पूर्ण बहुमत की सरकार

26 मई का इतिहास: जब करगिल की चोटियों पर पहली बार गरजे लड़ाकू विमान और 30 साल बाद दिल्ली में बनी पूर्ण बहुमत की सरकार

26 मई का इतिहास: जब करगिल की चोटियों पर पहली बार गरजे लड़ाकू विमान और 30 साल बाद दिल्ली में बनी पूर्ण बहुमत की सरकार

चित्रकूट के कर्वी इलाके में एक पुराने फौजी रहते हैं — सूबेदार रामस्वरूप। उम्र 70 के पार, पर आँखों में वही चमक। पिछले हफ्ते उनसे मुलाकात हुई तो बातों-बातों में 1999 का ज़िक्र छिड़ गया। बोले, "बेटा, 26 मई 1999 की सुबह जब हमें पता चला कि एयरफोर्स भी करगिल में कूद पड़ी है, तो हमारा सीना चौड़ा हो गया था।"

सूबेदार की ये बात मुझे सोचने पर मजबूर कर गई। 26 मई की तारीख ने भारत को एक नहीं, कई मौकों पर गर्व करने की वजह दी है। 1999 में करगिल की बर्फीली चोटियों पर ऑपरेशन सफेद सागर ने जहाँ दुश्मन के छक्के छुड़ाए, वहीं 2014 में इसी दिन नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली — और वो भी 30 साल बाद किसी एक पार्टी को मिले पूर्ण बहुमत के साथ।

हमने ये रिपोर्ट भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय, इसरो, भारतकोश और एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका जैसे स्रोतों से खंगालकर तैयार की है।


1999: करगिल की पहाड़ियों पर जब लड़ाकू विमानों ने भरी उड़ान

भारतीय वायुसेना के आधिकारिक दस्तावेज़ों के मुताबिक, 26 मई 1999 की सुबह करगिल का आसमान गूँज उठा। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने एक दिन पहले ही वायुसेना के इस्तेमाल की मंज़ूरी दी थी, लेकिन एक सख्त शर्त के साथ — विमान लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पार नहीं करेंगे।

ऑपरेशन सफेद सागर — यही कोडनेम था उस कार्रवाई का। ये 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद पहली बार था जब कश्मीर में इतने बड़े पैमाने पर हवाई ताकत का इस्तेमाल हो रहा था। मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने दुश्मन के ठिकानों पर लेज़र-गाइडेड बम बरसाए। मिग-21 और मिग-27 ने रॉकेट हमले किए।

दिलचस्प बात ये रही कि वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने 15,000 फीट से भी ऊँची चोटियों पर जवानों और रसद को पहुँचाया — ऐसी जगह जहाँ साँस लेना भी मुश्किल था। इसी ऑपरेशन के बाद पाकिस्तानी घुसपैठियों की कमर टूट गई और आगे चलकर 26 जुलाई 1999 को भारत ने करगिल युद्ध जीत लिया।


2014: रायसीना हिल्स पर एक नई सुबह

26 मई 2014 की शाम। राष्ट्रपति भवन का ऐतिहासिक फोरकोर्ट। 4,000 से ज़्यादा मेहमान। और मंच पर खड़े थे नरेंद्र दामोदरदास मोदी। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई।

ये महज़ एक शपथ ग्रहण नहीं था। 1984 के बाद ये पहला मौका था जब किसी एक पार्टी — भारतीय जनता पार्टी — ने अकेले दम पर 282 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था। मोदी आज़ाद भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री बने।

उस शाम की एक और बड़ी खासियत थी — पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ समेत सार्क देशों के कई राष्ट्राध्यक्ष वहाँ मौजूद थे।


1999: जब इसरो ने एक साथ तीन उपग्रह अंतरिक्ष में तैनात किए

करगिल के युद्ध के बीच, 26 मई 1999 को ही भारत ने अंतरिक्ष में एक और बड़ी छलाँग लगाई। इसरो के पीएसएलवी-सी2 रॉकेट ने श्रीहरिकोटा से उड़ान भरते हुए तीन उपग्रहों — भारत का ओशनसैट-1 (IRS-P4), दक्षिण कोरिया का किटसैट-3 और जर्मनी का डीएलआर-टबसैट — को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया।

ये भारत का पहला व्यावसायिक उपग्रह प्रक्षेपण था। इससे पहले अंतरिक्ष प्रक्षेपण बाज़ार पर सिर्फ अमेरिका और रूस का कब्ज़ा था, लेकिन 26 मई 1999 ने साबित कर दिया कि भारत भी इस दौड़ में शामिल हो चुका है।


1739: अफगानिस्तान का भारत से अलगाव

26 मई 1739 को एक ऐसी संधि हुई जिसने भारत का नक्शा बदल दिया। मुगल बादशाह मोहम्मद शाह और फारस के आक्रांता नादिर शाह के बीच करनाल के युद्ध के बाद जो समझौता हुआ, उसके तहत अफगानिस्तान भारतीय साम्राज्य से अलग हो गया।

इतिहासकारों के अनुसार, ये वही नादिर शाह था जो मयूर सिंहासन और कोहिनूर हीरा लूटकर फारस ले गया था। 26 मई की ये तारीख मुगल साम्राज्य के कमज़ोर होने का एक बड़ा सबूत बन गई।


1805: नेपोलियन ने खुद पहनाया इटली का ताज

26 मई 1805 को इटली के मिलान शहर में फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट ने खुद को इटली का राजा घोषित किया। लॉम्बार्डी के लौह मुकुट (Iron Crown of Lombardy) से उन्होंने अपनी ताजपोशी की।

ये घटना इसलिए भी अहम है क्योंकि इसने यूरोप के शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल दिया। नेपोलियन ने कहा था — "ईश्वर ने मुझे ये ताज दिया है, जो इसे छूएगा, खतरे में पड़ेगा।"


26 मई की कुछ और अहम घटनाएँ

  • 1679: ब्रिटेन की संसद ने बंदी प्रत्यक्षीकरण कानून (Habeas Corpus Act) पारित किया, जिसे दुनिया का पहला मानवाधिकार कानून माना जाता है।
  • 1822: नॉर्वे के एक चर्च में आग लगने से 122 लोगों की मौत हो गई।
  • 1926: लेबनान ने अपना संविधान अपनाया।
  • 1948: दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की नीति (Apartheid) की शुरुआत हुई।
  • 1950: ब्रिटेन में पेट्रोल खरीदने की सीमा समाप्त कर दी गई।
  • 1969: अपोलो 10 के अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह से महज 15 किलोमीटर ऊपर तक गए और सकुशल पृथ्वी पर लौटे।
  • 1999: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट विश्व कप का मैच। राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के बीच 318 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी हुई।
  • 2002: चीन का एक विमान समुद्र में गिरा, 225 लोगों की मौत।
  • 2007: भारत और जर्मनी के बीच रक्षा समझौता संपन्न हुआ।
  • 2010: सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा बच्चों को माता-पिता की संपत्ति में हिस्सा पाने का अधिकार दिया
  • 2020: कोस्टा रिका ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने वाला मध्य अमेरिका का पहला देश बनने का ऐलान किया।

26 मई को जन्मीं हस्तियाँ

  • 1906 — बेंजामिन पीरी पाल: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के पहले महानिदेशक और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक। गेहूँ और गुलाब की किस्मों पर उनका काम अतुलनीय है।
  • 1906 — रामकिंकर बैज: भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकार और चित्रकार, जिन्हें शांतिनिकेतन की कला परंपरा का अग्रदूत माना जाता है
  • 1912 — छगनराज चौपासनी वाला: प्रसिद्ध क्रांतिकारी, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
  • 1945 — विलासराव देशमुख: महाराष्ट्र के 17वें और दो बार मुख्यमंत्री रहे, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री भी बने।
  • 1946 — अरुणा रॉय: प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और सूचना का अधिकार (RTI) आंदोलन की प्रमुख नेता। मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित।
  • 1968 — दिलीप जोशी: 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में जेठालाल का किरदार निभाने वाले मशहूर टीवी अभिनेता।
  • 1983 — सुशील कुमार: भारतीय पहलवान, बीजिंग ओलंपिक (2008) में कांस्य और लंदन ओलंपिक (2012) में रजत पदक विजेता।

26 मई को हुए निधन

  • 1908 — मिर्जा गुलाम अहमद: अहमदिया आंदोलन के संस्थापक।
  • 1986 — श्रीकांत वर्मा: हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार, गीतकार, समीक्षक और राजनेता।
  • 2017 — के.पी.एस. गिल: पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक, जिन्हें पंजाब में आतंकवाद खत्म करने का श्रेय जाता है।

26 मई 2026: आज का दिन

इस वर्ष 26 मई 2026 का दिन कई मायनों में अहम है। सबसे पहले तो आज काज़ी नज़रुल इस्लाम की जयंती है — बांग्ला साहित्य के 'विद्रोही कवि' और बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि। त्रिपुरा में इस मौके पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

दूसरा, करगिल युद्ध में ऑपरेशन सफेद सागर की 27वीं वर्षगाँठ है। रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना ने इस मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं। पिछले साल ही, 26वीं वर्षगाँठ पर IAF ने इसे "सैन्य विमानन इतिहास का वाटरशेड मोमेंट" बताया था।

तीसरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले शपथ ग्रहण की 12वीं वर्षगाँठ है।

बैंकिंग से जुड़ी एक ज़रूरी जानकारी — आज कोलकाता में बैंक बंद रहेंगे। साथ ही, 27 और 28 मई को बकरीद के मौके पर देश के कई शहरों में बैंकों में छुट्टी रहेगी


परीक्षार्थियों के लिए (SSC / UPSC / UPPSC)

प्रश्न 1: करगिल युद्ध में भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर की शुरुआत कब की?
उत्तर: 26 मई 1999।

प्रश्न 2: नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ कब ली और वे कौन से नंबर के प्रधानमंत्री बने?
उत्तर: 26 मई 2014, भारत के 15वें प्रधानमंत्री।

प्रश्न 3: इसरो ने पहला व्यावसायिक उपग्रह प्रक्षेपण कब किया और इसमें कितने उपग्रह शामिल थे?
उत्तर: 26 मई 1999, तीन उपग्रह (भारत, जर्मनी और दक्षिण कोरिया के)।

प्रश्न 4: बंदी प्रत्यक्षीकरण कानून (Habeas Corpus Act) कब पारित हुआ?
उत्तर: 26 मई 1679।

प्रश्न 5: विलासराव देशमुख किस राज्य के मुख्यमंत्री थे?
उत्तर: महाराष्ट्र।


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Disclaimer: यह रिपोर्ट शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। तथ्यों की पुष्टि के पूर्ण प्रयास किए गए हैं।

SK NISHAD
SK NISHAD
Founder & Editor-in-Chief Verified Reporter

Chitrakoot, Uttar Pradesh

My name is SK Nishad, the Founder of Dainik Dhamaka Patrika, a digital news platform dedicated to delivering accurate, reliable, and impactful news to the public. I am committed to responsible journalism and strive to highlight important issues with honesty, transparency, and integrity.

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पाठकों की प्रतिक्रियाएं
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राम नरेश निषाद मई 25, 2026 - 05:10 PM

बहुत ही सटीक और शानदार ग्राउंड रिपोर्टिंग! ग्राम पंचायतों में इस बार का चुनाव वाकई काफी दिलचस्प होने वाला है। प्रशासन की तैयारी भी पुख्ता दिख रही है।


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