बरवापुर्दील ग्राम पंचायत की शिकायतों पर डीएम सख्त, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित; विकास कार्यों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की होगी गहन पड़ताल
बरवापुर्दील ग्राम पंचायत की शिकायतों पर डीएम सख्त, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित; विकास कार्यों और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की होगी गहन पड़ताल
कुशीनगर। जनपद कुशीनगर के विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बरवापुर्दील में ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत के कार्यों को लेकर दर्ज कराई गई शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामले में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम एवं पंचायत राज नियमावली के प्रावधानों के तहत तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर विस्तृत जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन के इस कदम के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों, सरकारी धन के उपयोग, पंचायत से संबंधित अभिलेखों तथा शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की बिंदुवार जांच की जाएगी। इसके लिए जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, अवर अभियंता (ग्रामीण), विकास खंड विशुनपुरा तथा संबंधित विभागीय अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभिलेखों से लेकर मौके तक होगी जांच
जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच केवल कागजी औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन भी करें। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, स्वीकृत योजनाओं की वास्तविक स्थिति, भुगतान संबंधी अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों का मिलान कर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
शिकायतकर्ता और ग्राम प्रधान दोनों का सुना जाएगा पक्ष
जिलाधिकारी ने जांच अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। जांच के दौरान शिकायतकर्ता, संबंधित ग्राम प्रधान तथा अन्य संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देश
जांच को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए आदेश की प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी विशुनपुरा, अवर अभियंता, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) तथा संबंधित ग्राम प्रधान को भी भेजी गई है। सभी अधिकारियों को जांच में पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले का निस्तारण किया जाएगा।
बरवापुर्दील ग्राम पंचायत की इस जांच पर अब पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर प्रशासन उचित निर्णय लेगा।
रिपोर्ट: इमरानुद्दीन (TigerKingOfficial )
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