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स्वास्थ्य सुविधा कोई उपकार नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।

स्वास्थ्य सुविधा कोई उपकार नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।

स्वास्थ्य सुविधा कोई उपकार नहीं, बल्कि हर नागरिक का अधिकार है।

तमकुही विधानसभा क्षेत्र का तरया सुजान किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यहाँ रेलवे स्टेशन, थाना, नेहरू इंटर कॉलेज, बैंक, डाकघर सहित अनेक महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान स्थित हैं। इसी क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (वर्तमान आयुष्मान आरोग्य मंदिर) लगभग 35 से 40 ग्राम सभाओं तथा हजारों लोगों के स्वास्थ्य का प्रमुख आधार है।

स्थानीय लोगों के अनुसार इस स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना लगभग वर्ष 1952 में हुई थी। सात दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक यहाँ अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हो सका है। जिस भवन और व्यवस्था के सहारे वर्षों पहले स्वास्थ्य सेवाएँ शुरू हुई थीं, उसी व्यवस्था के भरोसे आज भी हजारों लोग इलाज कराने को मजबूर हैं।सबसे गंभीर विषय यह है कि इतने बड़े क्षेत्र की आबादी की जिम्मेदारी उठाने वाले इस स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान समय में केवल एक डॉक्टर उपलब्ध हैं, जो प्रायः सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सेवाएँ देते हैं। ऐसे में सुबह 10 बजे से पहले अथवा दोपहर 2 बजे के बाद आने वाले मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

जब कोई सड़क दुर्घटना होती है, किसी की अचानक तबीयत बिगड़ जाती है, किसी गर्भवती महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है या किसी मरीज की स्थिति गंभीर होती है, तब उसे यहाँ पर्याप्त आपातकालीन सुविधा नहीं मिल पाती। मजबूरी में मरीजों को दूर स्थित अस्पतालों में जाना पड़ता है। कई बार समय पर उपचार न मिलने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

यह स्वास्थ्य केंद्र केवल तरया सुजान की ही नहीं, बल्कि अहरौलीदान, दनियाडी, सियाणा, अबिरपुर, मुकुंदपुर,, भगवानपुर, सलेमगढ़, तरया जामीन, तरया लछीराम, बाघचौर, मठिया श्रीराम, पिपरा अगरवा, वेदूपार, जबाही दयाल, बहादुरपुर, लतवा मुरलीधर, गौरी श्रीराम, जमुआन, रामपुर बगहा, समउर, हरिहरपुर, गोपालपुर, घरवा जगदीश, भगवानपुर, अगरवा, बस्तीला, बस्तीला बुजुर्ग, हमीरपुर, फगुआ, जीवन शिवराजपुर, तीन पीड़िया, डुमरिया, सिसवा अव्वल तथा अन्य कई गांवों और टोलों के लोगों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का प्रमुख केंद्र है।

जब इतने बड़े क्षेत्र की जनता इस एक अस्पताल पर निर्भर हो, तब यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि आज तक यहाँ 24 घंटे आपातकालीन सेवा, पर्याप्त चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक भवन, आवश्यक उपकरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ क्यों उपलब्ध नहीं कराई गईं?

उत्तर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन कुशीनगर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कुशीनगर एवं स्वास्थ्य विभाग से विनम्रतापूर्वक आग्रह करता हूँ कि तरया सुजान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शीघ्र आधुनिकीकरण कराया जाए, नए भवन का निर्माण कराया जाए, पर्याप्त डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की जाए तथा भविष्य में इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के रूप में विकसित किया जाए।


साथ ही जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक यहाँ स्थायी रूप से अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती एवं 24 घंटे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को समय पर उपचार के अभाव में परेशान न होना पड़े।


यह किसी व्यक्ति, संस्था या विभाग की आलोचना नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा एक गंभीर जनहित का विषय है।

Shatrumardan Pravin Mani Tripathi
Shatrumardan Pravin Mani Tripathi
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