पिछले हफ्ते चित्रकूट के कर्वी बाज़ार गया था। एक ठेले पर आँवला बिक रहा था — 20 रुपए किलो। पास ही दूसरी दुकान पर विटामिन C की गोलियाँ 200 रुपए की। सोचा, जो चीज़ प्रकृति ने मुफ्त में दे रखी है, उसे हम पैसे देकर क्यों खरीद रहे हैं? यही सवाल लेकर मैंने जिला अस्पताल के डॉ. रमेश गुप्ता से बात की। उन्होंने जो बताया, वो चौंकाने वाला था।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस साल जनवरी से अब तक उनकी OPD में मसूड़ों से खून आने, त्वचा पर चकत्ते और जोड़ों के दर्द के जितने मरीज़ आए हैं, उनमें से लगभग 70 प्रतिशत में विटामिन C का स्तर ज़रूरत से काफी कम मिला। और ये समस्या सिर्फ चित्रकूट की नहीं है। एक अध्ययन के अनुसार, उत्तर भारत में करीब 74 प्रतिशत और दक्षिण भारत में 46 प्रतिशत बुज़ुर्गों में विटामिन C की कमी पाई गई।
वो तीन मरीज़ जिन्होंने मेरी आँखें खोल दीं
डॉ. गुप्ता ने अपने तीन केस शेयर किए। पहला — एक 35 साल की महिला, जो लगातार थकान और बाल झड़ने की शिकायत लेकर आई। जाँच में विटामिन C बहुत कम निकला। दूसरा — एक बुज़ुर्ग, जिनके मसूड़ों से लगातार खून आता था। वो सोचते थे कि दाँत खराब हैं, लेकिन असली वजह विटामिन C की कमी थी। तीसरा — एक युवा लड़का, जिसके घाव भरने में सामान्य से दोगुना समय लग रहा था।
"लोग समझते हैं कि विटामिन C सिर्फ सर्दी-खाँसी के लिए है," डॉ. गुप्ता ने कहा। "लेकिन सच ये है कि ये शरीर के 200 से ज़्यादा कामों में मदद करता है।"
क्या करता है शरीर में ये विटामिन
इम्यून सिस्टम की पहली दीवार हमारी त्वचा है। विटामिन C इसी दीवार को मज़बूत करता है। ये सफेद रक्त कोशिकाओं को एक्टिव करता है, जो बैक्टीरिया और वायरस से लड़ती हैं। यही वजह है कि जब भी मौसम बदलता है, डॉक्टर विटामिन C बढ़ाने की सलाह देते हैं।
इसके अलावा, ये कोलेजन बनाने में मदद करता है। कोलेजन वो प्रोटीन है जो त्वचा को जवाँ, जोड़ों को लचीला और बालों को मज़बूत रखता है। ICMR के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क पुरुष को रोज़ 80 मिलीग्राम और महिला को 65 मिलीग्राम विटामिन C की ज़रूरत होती है। धूम्रपान करने वालों को 35 मिलीग्राम अतिरिक्त लेना चाहिए, क्योंकि सिगरेट का धुआँ शरीर में विटामिन C को तेज़ी से खत्म करता है।
शरीर देता है ये सात संकेत
डॉ. गुप्ता के अनुसार, विटामिन C की कमी के ये लक्षण सबसे पहले दिखते हैं:
- ब्रश करते वक्त मसूड़ों से खून आना
- हल्की चोट पर भी नीला पड़ जाना
- घाव का सामान्य से दोगुना समय लेना
- त्वचा का बेजान, रूखा और खुरदरा होना
- जोड़ों में बेवजह दर्द रहना
- दिनभर थकान और सुस्ती घेरना
- बार-बार सर्दी-ज़ुकाम होना
तो खाएँ क्या?
डॉ. गुप्ता हँसते हुए बोले — "आपके चित्रकूट के जंगलों में ही पूरी दवा मौजूद है।" उन्होंने बताया कि आँवला विटामिन C का सबसे बड़ा भारतीय स्रोत है। एक आँवले में दो संतरे के बराबर विटामिन C होता है। इसके अलावा, अमरूद, नींबू, संतरा और हरी मिर्च भी अच्छे स्रोत हैं।
एक ज़रूरी बात — विटामिन C गर्म करने पर नष्ट हो जाता है। इसलिए जितना हो सके, फल और सब्ज़ियाँ कच्ची खाएँ।
नया क्या है?
हाल ही में एक अध्ययन में पाया गया कि विटामिन C का पर्याप्त सेवन आयरन के अवशोषण में मदद करता है, जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। इसलिए अगर आप आयरन की गोली खा रहे हैं, तो साथ में नींबू पानी ज़रूर पिएँ।
दूसरी तरफ, बाज़ार में विटामिन C के महँगे सप्लीमेंट्स की भरमार है। लेकिन डॉ. गुप्ता साफ कहते हैं — "जब तक डॉक्टर न कहे, गोली से बेहतर फल है। ज़्यादा मात्रा में सप्लीमेंट लेने से पथरी का खतरा हो सकता है।"
परीक्षार्थियों के लिए
प्रतियोगी परीक्षाओं में विटामिन C से ये सवाल बार-बार आते हैं:
प्रश्न 1: विटामिन C का रासायनिक नाम क्या है?
उत्तर: एस्कॉर्बिक एसिड (Ascorbic Acid)।
प्रश्न 2: विटामिन C की कमी से कौन सा रोग होता है?
उत्तर: स्कर्वी (Scurvy), जिसमें मसूड़ों से खून आता है और घाव नहीं भरते।
प्रश्न 3: विटामिन C पानी में घुलनशील है या वसा में?
उत्तर: पानी में घुलनशील।
प्रश्न 4: आँवले में कौन सा विटामिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है?
उत्तर: विटामिन C।
प्रश्न 5: ICMR के अनुसार एक वयस्क पुरुष को रोज़ कितने विटामिन C की आवश्यकता है?
उत्तर: 80 मिलीग्राम।
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