चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र में एक स्कूली छात्रा के साथ छेड़खानी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घर से कोचिंग जा रही नाबालिग छात्रा को रास्ते में दो बाइक सवार मनचलों ने रोक लिया और अश्लील हरकतें करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने छात्रा के साथ मारपीट भी की। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को भेड़ाघाट पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की है। मानिकपुर क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा रोजाना की तरह सुबह अपनी कोचिंग क्लास जा रही थी। जैसे ही वह भेड़ाघाट पुलिया के पास पहुंची, पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उसे रोक लिया। पीड़िता के अनुसार, दोनों युवक पहले तो उससे अभद्र भाषा में बात करने लगे, फिर जबरदस्ती उसका हाथ पकड़ने की कोशिश की। छात्रा ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
छात्रा के शोर मचाने पर आसपास के राहगीर मौके की ओर दौड़े। लोगों को आता देख दोनों आरोपी बाइक से भागने लगे। इसी दौरान किसी राहगीर ने घटना की सूचना मानिकपुर पुलिस को दे दी। सूचना पर तुरंत हरकत में आई पुलिस ने भेड़ाघाट पुलिया के पास से दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
मानिकपुर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित छात्रा के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना), 323 (मारपीट) और पॉक्सो एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपी क्षेत्र के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं और इनकी उम्र 20 से 22 साल के बीच है।
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से मनचलों की हरकतें बढ़ गई हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत ना कर सके।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब चित्रकूट जिले में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा हो। इससे पहले भी जिले में छेड़खानी और महिला उत्पीड़न की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सवाल यह उठता है कि आखिर जिला प्रशासन और पुलिस महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में क्यों नाकाम साबित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित है और हकीकत में सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी न के बराबर है।
चित्रकूट के मानिकपुर में हुई यह घटना महिला सुरक्षा की पोल खोलने वाली है। पुलिस ने भले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा? पीड़ित परिवार को न्याय मिले और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, यही इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती है।

टिप्पणियाँ (0)
कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें!
एक टिप्पणी लिखें
आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *