चित्रकूट के सदर बाज़ार में सोमवार को एक छोटी सी घटना हुई। सब्ज़ी लेते वक्त एक बुज़ुर्ग के हाथ में चाकू लग गया। खून बहता रहा, पर रुकने का नाम नहीं ले रहा था। आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉ. सुरेश त्रिपाठी ने जब जाँच कराई तो पाया कि शरीर में विटामिन K का स्तर ज़रूरत से बहुत कम है।
डॉ. त्रिपाठी ने बताया, "लोग विटामिन A, B, C, D, E की तो बात करते हैं, लेकिन K को अक्सर भूल जाते हैं। जबकि यही वो विटामिन है जो चोट लगने पर खून को जमाने में मदद करता है। इसके बिना खून की एक-एक बूँद कीमती हो जाती है।"
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के आँकड़ों के अनुसार, नवजात शिशुओं में विटामिन K की कमी एक गंभीर समस्या है, जिसके चलते सरकार ने जन्म के तुरंत बाद विटामिन K का इंजेक्शन अनिवार्य कर रखा है। लेकिन बड़ों में भी इसकी अनदेखी खतरनाक साबित हो सकती है।
ये विटामिन K है क्या चीज़?
विटामिन K एक वसा में घुलनशील विटामिन है, जिसका रासायनिक नाम फ़ाइलोक्विनोन (Phylloquinone – K1) और मेनाक्विनोन (Menaquinone – K2) है। K1 पौधों से मिलता है, जबकि K2 आँतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया द्वारा बनता है और कुछ खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है।
डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, शरीर में इसके तीन सबसे बड़े काम हैं। पहला — खून का थक्का जमाना। जब कभी चोट लगती है, तो विटामिन K ही लीवर को संकेत देता है कि थक्का बनाने वाले प्रोटीन (क्लॉटिंग फैक्टर्स) तैयार करो। दूसरा — हड्डियों को मज़बूत करना। ये कैल्शियम को हड्डियों तक पहुँचाने और वहाँ बाँधने का काम करता है। और तीसरा — धमनियों में कैल्शियम जमने से रोककर दिल को स्वस्थ रखना।
शरीर में कमी होने पर दिखते हैं ये पाँच बड़े लक्षण
- छोटी सी चोट या कटने पर खून का रुकने में बहुत देर लगना।
- बिना किसी चोट के शरीर पर नीले धब्बे (चोट के निशान) उभर आना।
- नाक से बिना वजह खून बहना या मसूड़ों से खून आना।
- महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान असामान्य रूप से अधिक रक्तस्राव।
- लगातार हड्डियों में दर्द और बार-बार फ्रैक्चर होना।
डॉ. त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि अगर इनमें से दो या ज़्यादा लक्षण दिख रहे हों, तो बिना देर किए प्रोथ्रोम्बिन टाइम (PT-INR) टेस्ट करवाना चाहिए।
तो खाएँ क्या?
ये पूछने पर डॉ. त्रिपाठी ने रसोई की तरफ इशारा करते हुए कहा — "दादी-नानी के नुस्खे आज भी कारगर हैं।" उन्होंने जो सूची बताई, वो कुछ इस तरह है:
| खाद्य पदार्थ | प्रकार | टिप्पणी |
|---|---|---|
| पालक, बथुआ, सरसों का साग, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ | शाकाहारी | ये K1 का सबसे अच्छा स्रोत हैं। रोज़ एक कटोरी ज़रूर खाएँ। |
| ब्रोकली, पत्तागोभी, फूलगोभी | शाकाहारी | इन्हें हल्का पकाकर या सूप बनाकर खा सकते हैं। |
| अंडे की ज़र्दी, लीवर (कलेजी) | मांसाहारी | K2 का बेहतरीन स्रोत, हफ्ते में 2-3 बार लें। |
| किण्वित खाद्य पदार्थ (इडली, डोसा, कांजी) | शाकाहारी | आँतों के अच्छे बैक्टीरिया से K2 बनता है। |
एक और ज़रूरी सलाह — चूँकि विटामिन K फैट में घुलता है, इसलिए इन सब्ज़ियों को थोड़े से तेल या घी में पकाकर खाएँ। कच्चा सलाद खाने पर शरीर इसे पूरी तरह सोख नहीं पाता।
नवीनतम रिसर्च क्या कहती है?
हाल ही में AIIMS दिल्ली के एक अध्ययन में ये बात सामने आई कि जिन लोगों के शरीर में विटामिन K2 का स्तर अच्छा होता है, उनमें कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ का खतरा 30 प्रतिशत तक कम होता है। एक दूसरी रिसर्च में पता चला कि विटामिन K और D एक साथ मिलकर हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसलिए अब डॉक्टर कैल्शियम के साथ विटामिन K2 और D3 का कॉम्बिनेशन सप्लीमेंट भी सुझाने लगे हैं।
ICMR के मुताबिक, एक स्वस्थ वयस्क को रोज़ 55-65 माइक्रोग्राम विटामिन K की ज़रूरत होती है, जो एक कटोरी पालक से आसानी से पूरी हो जाती है। लेकिन जो लोग खून पतला करने की दवा (वारफेरिन) ले रहे हैं, उन्हें विटामिन K का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।
परीक्षार्थियों के लिए (SSC / UPSC / UPPSC)
प्रश्न 1: विटामिन K का रासायनिक नाम क्या है?
उत्तर: फ़ाइलोक्विनोन (Phylloquinone – K1) और मेनाक्विनोन (Menaquinone – K2)।
प्रश्न 2: विटामिन K की कमी से शरीर में क्या होता है?
उत्तर: खून का थक्का नहीं जमता, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होता है।
प्रश्न 3: नवजात शिशुओं को विटामिन K का इंजेक्शन क्यों दिया जाता है?
उत्तर: क्योंकि जन्म के समय उनके शरीर में विटामिन K का स्तर बहुत कम होता है, जिससे ब्लीडिंग का खतरा रहता है।
प्रश्न 4: वसा में घुलनशील विटामिन कौन-कौन से हैं?
उत्तर: विटामिन A, D, E और K।
प्रश्न 5: विटामिन K2 का उत्पादन शरीर में कहाँ होता है?
उत्तर: आँतों में मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया द्वारा।
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