चित्रकूट : यमुना किनारे खनन के गड्ढे ने ली एक मासूम की जान!
चित्रकूट : यमुना किनारे खनन के गड्ढे ने ली एक मासूम की जान!
चित्रकूट के चांदी बालू घाट पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। यमुना नदी के किनारे अवैध खनन से खोदे गए पानी भरे गड्ढे में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। हादसे के बाद खनिज विभाग और जिला प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, सरधुवा थाना क्षेत्र के चांदी बालू घाट पर दोपहर बाद एक बच्चा अपनी भैंस को पानी पिलाने ले गया था। भैंस अचानक बालू खनन से बने एक गहरे गड्ढे में चली गई। भैंस को निकालने के चक्कर में बच्चा भी गड्ढे में उतर गया, लेकिन गहराई अधिक होने और कीचड़ में धंसने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर भाग-दौड़ की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों की मदद से बच्चे का शव बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन विभाग के अधिकारियों को इन गड्ढों की जानकारी है। कई बार शिकायतें भी गईं, लेकिन विभाग ने न तो इन्हें भरवाने की जिम्मेदारी ली और न ही चेतावनी बोर्ड लगवाए। आरोप यह भी है कि जब कभी जाँच हुई, तो खनिज अधिकारी रणवीर सिंह ने फर्जी रिपोर्ट बनाकर पट्टेधारकों को क्लीन चिट दे दी, जिससे उनके हौसले और बुलंद हो गए।
यह पहली बार नहीं है जब चित्रकूट में खनन के गड्ढे ने किसी की जान ली है। हर साल ऐसे हादसे दोहराए जाते हैं, लेकिन खनिज विभाग की चुप्पी नहीं टूटती। आखिर कब तक मासूमों की जान जाएगी, तब तक प्रशासन आँखें मूंदे रहेगा? क्या खनन पट्टों की शर्तों में गड्ढों को भरने का प्रावधान सिर्फ दिखाने के लिए है? क्यों हर बार दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती? एक बच्चे की मौत ने फिर पूरे सिस्टम को झकझोर दिया है।
घटना के बाद मृतक बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। माँ बार-बार बेहोश हो रही है। गाँव के लोगों ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की माँग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यह जाँच भी उन्हीं अफसरों के हाथों में होगी जिन पर लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं? इलाके के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेंगे। चित्रकूट प्रशासन के लिए यह वक्त इम्तिहान का है कि वह एक मासूम की मौत के इंसाफ को अंजाम तक पहुँचाता है या फिर फाइलों में दबा देता है।
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