चित्रकूट: चित्रकूट जिले में मंगलवार शाम आई भीषण आंधी और तेज़ बारिश ने बिजली व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। स्थिति यह है कि आज शुक्रवार यानी तीसरे दिन भी 50 से अधिक गांव अंधेरे में डूबे हैं। तेज हवाओं के कारण 250 से ज्यादा बिजली के खंभे धराशायी हो गए और एक ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे करीब 100 गांवों की बिजली गुल हो गई थी।
तीसरे दिन भी नहीं आई बिजली
बिजली विभाग की लगातार कोशिशों के बावजूद अभी भी लगभग 50 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इनमें सिलखोरी, रसिन, रौली कल्याणगढ़, देऊंधा, मैकीपुर, बरगढ़, मऊ, रैपुरा, पहाड़ी, मानिकपुर क्षेत्र के दर्जनों गांव शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिन से पंखे, पानी की मोटर और मोबाइल चार्जिंग जैसी मूलभूत जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है।
नुकसान का विवरण
मंगलवार की तेज आंधी ने जिले के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई। रिपोर्ट के अनुसार:
- 250 से अधिक बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए या टूट गए।
- एक 33 केवी का ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
- कई जगह तार टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवाजाही बाधित हुई।
- पेड़ गिरने से भी कई बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
विभाग का दावा- जल्द होगी बहाली
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य चल रहा है। अधिशाषी अभियंता के अनुसार, "50 से अधिक गांवों में अभी भी बिजली बाधित है। हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं। अधिकांश खंभों को बदला जा चुका है और शेष स्थानों पर जल्द ही आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।" विभाग ने उम्मीद जताई है कि आज देर शाम तक 90 प्रतिशत गांवों में बिजली बहाल कर दी जाएगी।
ग्रामीणों की नाराजगी और समस्या
लगातार बिजली गुल रहने से लोगों में भारी नाराजगी है। सिलखोरी गांव के निवासी रामकिशोर ने बताया, "न तो पानी आ रहा है और न ही मोबाइल चार्ज हो पा रहे हैं। बच्चे गर्मी से परेशान हैं।" वहीं, कई ग्रामीणों ने विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आंधी के तुरंत बाद मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया। कुछ गांवों के लोगों ने प्रशासन से तत्काल बिजली बहाली और पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।
प्रशासन की तैयारी और अपील
जिला प्रशासन ने स्थिति पर नज़र बनाए रखने का दावा किया है। प्रभावित गांवों में पानी के टैंकर भेजने और स्वास्थ्य सेवाओं को चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, लोगों से अपील की गई है कि वे टूटे हुए तारों से दूर रहें और बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।




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