मोहर्रम से पहले कौशाम्बी पुलिस का 'ऑपरेशन तैयारी': SP ने परेड की सलामी ली, फिर मैदान में दिखा वो नज़ारा जो देखने लायक था
मोहर्रम से पहले कौशाम्बी पुलिस का 'ऑपरेशन तैयारी': SP ने परेड की सलामी ली, फिर मैदान में दिखा वो नज़ारा जो देखने लायक था
कौशाम्बी।
मोहर्रम को अब चंद दिन ही बाकी रह गए हैं। और जैसे-जैसे त्योहार करीब आता
है, जिले की पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस बार कानून-व्यवस्था को लेकर कोई
ढील नहीं दी जाएगी। शुक्रवार की सुबह पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी सत्यनारायण
ने पुलिस लाइन पहुँचकर परेड की सलामी ली। इसके बाद मैदान पर जो नज़ारा
दिखा, वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। सैकड़ों पुलिसकर्मी अत्याधुनिक
दंगा नियंत्रण उपकरणों से लैस होकर एक साथ मैदान में उतरे और हाई-इंटेंसिटी
बलवा ड्रिल का अभ्यास शुरू हो गया।
अभ्यास
के दौरान पुलिस ने उन तमाम परिस्थितियों की प्रैक्टिस की जो किसी भी
त्योहार या जुलूस के दौरान अचानक पैदा हो सकती हैं। सबसे पहले एलआईयू
(स्थानीय खुफिया इकाई) की टीम ने सूचना संकलन का अभ्यास किया। फिर नागरिक
पुलिस की टीम आगे बढ़ी और भीड़ को समझा-बुझाकर शांत करने का नाटकीय प्रयास
किया गया। जब यह प्रयास विफल हो गया तो अग्निशमन दल की गाड़ियाँ दौड़ाई गईं
और पानी के छिड़काव से भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की गई। इसके बाद
भी जब भीड़ पीछे नहीं हटी तो टियर गैस स्क्वाड ने मोर्चा संभाला और अश्रु
गैस के गोले छोड़ने का अभ्यास किया गया। यहीं से लाठी पार्टी ने न्यूनतम बल
प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ने का अभ्यास किया।
अभ्यास
के दौरान पुलिस ने यह भी मानकर चला कि अगर बलवाई हिंसा पर उतर आते हैं और
फायरिंग जैसी स्थिति बनती है तो फायर पार्टी आत्मरक्षा में अन्यायस (गोली)
का प्रयोग करेगी। इसका भी पूरा ड्रिल किया गया। साथ ही प्राथमिक चिकित्सा
पार्टी और एम्बुलेंस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाने का अभ्यास किया।
इस पूरी कार्रवाई पर ड्रोन कैमरे से लगातार निगरानी रखी गई, ताकि ऊपर से हर
गतिविधि पर नज़र रखी जा सके। भीड़ को तितर-बितर करने के बाद रिजर्व पुलिस
टीम ने मौके पर पिकेट लगाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अभ्यास
किया।
स्वयं
पुलिस अधीक्षक ने पूरे अभ्यास का बारीकी से पर्यवेक्षण किया। ड्रिल के
दौरान जहाँ भी छोटी-सी भी त्रुटि दिखी, उसे तुरंत रुकवाकर संबंधित टीम को
सुधार का मार्गदर्शन दिया गया। इसके बाद SP ने पुलिसकर्मियों के उत्साह की
सराहना भी की। उन्होंने कहा कि मोहर्रम पर शांति व्यवस्था बनाए रखना हमारी
सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह का अभ्यास जवानों को वास्तविक
परिस्थितियों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार रखता है।
पुलिस
की इस तैयारी पर आम लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनके मन में कुछ
स्वाभाविक प्रश्न भी हैं। क्या इस बार प्रशासन मोहर्रम के दौरान किसी
भी अप्रिय स्थिति को रोकने में पूरी तरह सक्षम रहेगा? जिन इलाकों में
पहले से संवेदनशीलता है, वहाँ क्या अतिरिक्त बल तैनात रहेगा? ड्रोन
निगरानी का जो इंतज़ाम दिखा, क्या वह ज़मीनी हकीकत में भी उतना ही कारगर
साबित होगा जितना अभ्यास में दिखा? कौशाम्बी पुलिस ने अपनी तैयारी का जो
प्रदर्शन किया है, उससे उम्मीद तो बँधी है कि इस बार त्योहार पूरी शांति और
सौहार्द के साथ मनाया जाएगा।
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