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18 मई: जिस दिन राजस्थान की रेत के नीचे बुद्ध मुस्कुराए थे और LTTE सुप्रीमो ढेर हुआ था

| Chitrakoot, Uttar Pradesh | May 18, 2026, 12:52 AM IST WhatsApp
18 मई: जिस दिन राजस्थान की रेत के नीचे बुद्ध मुस्कुराए थे और LTTE सुप्रीमो ढेर हुआ था

मैंने पिछले हफ्ते अपने एक दोस्त से पूछा — "भारत ने पहला परमाणु परीक्षण कब किया था?" उसने झट से जवाब दिया — "1974 में, पोखरण में।" मैंने फिर पूछा — "तारीख?" वो चुप। और यही चुप्पी बताती है कि हम बड़ी-बड़ी घटनाएँ तो याद रख लेते हैं, लेकिन तारीखें भूल जाते हैं। तो आज ठीक कर लीजिए — 18 मई 1974। वही दिन जब राजस्थान की जलती रेत के 107 मीटर नीचे भारत ने ऐसा धमाका किया कि पूरी दुनिया की साँसें थम गईं। और फोन पर सिर्फ तीन शब्द गूँजे — "बुद्ध मुस्कुराया है।"

लेकिन 18 मई सिर्फ इसी एक धमाके का गवाह नहीं है। इसी तारीख को 1912 में कोलकाता के एक थिएटर में भारत की पहली फिल्म चली थी। 2009 में श्रीलंका की सेना ने LTTE चीफ प्रभाकरण को मार गिराया। और दुनिया भर में आज अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जाता है। तो चलिए, पूरा लेखा-जोखा समझते हैं — एकदम आसान ज़ुबान में।


पोखरण की वो सुबह जिसने भारत को बना दिया छठी परमाणु ताकत

18 मई 1974 की सुबह। राजस्थान के पोखरण की धरती पर ऊपर से सबकुछ शांत था — रेत, ऊँट, काँटेदार झाड़ियाँ। लेकिन ठीक 107 मीटर नीचे एक ऐसा बम तैनात था जिसकी ताकत हिरोशिमा पर गिराए गए बम से कई गुना ज़्यादा थी। सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर वैज्ञानिकों ने बटन दबाया और...

ज़मीन हिली, रेत का गुबार उठा, लेकिन आवाज़ नहीं आई — क्योंकि ये धमाका ज़मीन के अंदर हुआ था। ये कोई फिल्मी सीन नहीं, असल ज़िंदगी का सबसे बड़ा राज़ था जिसे भारत ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की नाक के नीचे से सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया।

मिशन का कोडनेम था — स्माइलिंग बुद्धा। दरअसल उस दिन बुद्ध पूर्णिमा थी, इसलिए ये नाम चुना गया। जब टेस्ट पूरी तरह कामयाब रहा तो राजस्थान से दिल्ली दूरभाष पर सिर्फ तीन शब्द बोले गए — "बुद्ध मुस्कुराया है।" प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने जब ये सुना तो उनकी आँखों में आँसू और चेहरे पर गर्व था।

राजा रमन्ना, डॉ. होमी सेठना, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और डॉ. राजगोपालन चिदंबरम जैसे वैज्ञानिकों की टीम ने ये कारनामा कर दिखाया था। इस एक परीक्षण के बाद भारत दुनिया का छठा देश बन गया जिसके पास परमाणु क्षमता थी। और हाँ, उसके बाद अमेरिका और कनाडा ने भारत पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। लेकिन भारत ने कोई परवाह नहीं की।


कोलकाता के उस थिएटर की कहानी जहाँ से शुरू हुआ भारतीय सिनेमा

अब ज़रा पोखरण के धमाके से हटकर बात करते हैं सिनेमा की। साल 1912। कोलकाता के एल्फिंस्टन थिएटर में पर्दे पर कुछ ऐसा दिखा जो भारत ने पहले कभी नहीं देखा था। फिल्म का नाम था — श्री पुंडलिक। दादा साहब तोरणे ने इसे बनाया था। ये महज़ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की नींव थी।

हालाँकि कुछ इतिहासकार दादा साहब फाल्के की 'राजा हरिश्चंद्र' (1913) को पहली भारतीय फिल्म मानते हैं, लेकिन तथ्य यही है कि 'श्री पुंडलिक' 18 मई 1912 को रिलीज़ हुई थी और तकनीकी रूप से भारत की पहली फुल-लेंथ फीचर फिल्म थी। उस दिन शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक दिन भारत दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म उद्योग बन जाएगा।


2009: जब खत्म हुई LTTE की कहानी

18 मई 2009 को श्रीलंका के मुल्लाइतिवु जंगल में एक खूनी मुठभेड़ हुई। श्रीलंकाई सेना ने दशकों से चल रहे गृह युद्ध के सबसे बड़े चेहरे — वेलुपिल्लई प्रभाकरण — को मार गिराया। प्रभाकरण LTTE (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) का सुप्रीमो था, जो एक अलग तमिल राज्य की माँग को लेकर लंबे समय से सरकार से लड़ रहा था।

इस मुठभेड़ के साथ ही श्रीलंका का करीब 26 साल पुराना गृह युद्ध खत्म हुआ, जिसमें लाखों लोगों की जान गई थी। भारत के लिए भी ये घटना बेहद अहम थी, क्योंकि इसी LTTE ने 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या की थी।


18 मई की और अहम घटनाएँ

  • 1948: पहला अरब-इज़राइल युद्ध खत्म हुआ, इज़राइल ने अपनी ज़मीन बचा ली।
  • 1956: स्विट्ज़रलैंड के दो पर्वतारोहियों ने ल्होत्से पर्वत (दुनिया की चौथी सबसे ऊँची चोटी) पर पहली बार चढ़ाई की।
  • 1973: भारत के पहले स्वदेशी लड़ाकू विमान HF-24 मारुत को वायुसेना में शामिल किया गया।
  • 1991: उत्तरी सोमालिया ने खुद को सोमालीलैंड गणराज्य घोषित किया, हालाँकि आज तक उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली।
  • 2010: नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में CRPF जवानों पर हमला कर दिया, जिसमें कई जवान शहीद हुए।

18 मई 2026: आज का दिन क्यों खास है

इस साल 18 मई का दिन दो बड़ी वजहों से याद रखा जाएगा। पहली, आज अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस है। ICOM (International Council of Museums) ने 1977 में इसकी शुरुआत की थी ताकि लोगों को संग्रहालयों की अहमियत समझ आए। भारत में कोलकाता का भारतीय संग्रहालय, दिल्ली का राष्ट्रीय संग्रहालय और लखनऊ का स्टेट म्यूज़ियम आज खास आयोजन करेंगे।

दूसरी, पोखरण परमाणु परीक्षण की 52वीं वर्षगाँठ है। स्कूल-कॉलेजों में इस उपलब्धि पर प्रदर्शनी और व्याख्यान होंगे।


एग्जाम वालों के लिए

SSC, UPSC और UPPSC की तैयारी करने वाले ये सवाल ज़रूर याद कर लें। इनमें से कोई न कोई एग्जाम में पक्का आता है:

सवाल: भारत ने पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण कब और कहाँ किया?
जवाब: 18 मई 1974, राजस्थान के पोखरण में।

सवाल: इस परीक्षण का कोडनेम क्या था?
जवाब: स्माइलिंग बुद्धा।

सवाल: भारत की पहली फीचर फिल्म का नाम क्या है और कब रिलीज़ हुई?
जवाब: श्री पुंडलिक, 18 मई 1912।

सवाल: LTTE सुप्रीमो वेलुपिल्लई प्रभाकरण कब मारा गया?
जवाब: 18 मई 2009।

सवाल: अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस कब मनाया जाता है?
जवाब: 18 मई।


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Disclaimer: यह लेख विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। तथ्यों की पुष्टि के पूर्ण प्रयास किए गए हैं।

SK NISHAD

Founder & Editor-in-Chief Uttar Pradesh , Chitrakoot
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