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17 मई का इतिहास: जिस दिन भारत ने अग्नि-2 से कर दिया था दुनिया को सावधान और एक टेलीग्राम से शुरू हुई थी आज के मोबाइल-इंटरनेट की कहानी

| Chitrakoot, Uttar Pradesh | May 16, 2026, 06:30 PM IST WhatsApp
17 मई का इतिहास: जिस दिन भारत ने अग्नि-2 से कर दिया था दुनिया को सावधान और एक टेलीग्राम से शुरू हुई थी आज के मोबाइल-इंटरनेट की कहानी

सुबह-सुबह मोबाइल उठाया तो नेट ने धोखा दे दिया। हर बार की तरह फिर लगा कि ये 'विश्व दूरसंचार दिवस' भी कैसा, जिस दिन नेट ही रूठ जाए। चलिए छोड़िए, आज 17 मई है और इस एक तारीख में दो-दो बड़ी बातें हैं — एक तरफ 1999 में भारत ने ओडिशा के एक टापू से ऐसी मिसाइल दागी जिसकी मारक क्षमता पाकिस्तान ही नहीं, पूरे चीन तक को याद रही, और दूसरी तरफ 1865 में पेरिस में बैठे बीस देशों ने मिलकर एक ऐसे संगठन की नींव रखी जिसके बिना आज आप ये पंक्तियाँ भी नहीं पढ़ पाते।

तो चलिए, एकदम आम बोलचाल में समझते हैं 17 मई का इतिहास। और हाँ, जो स्टूडेंट्स एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए नीचे सवाल-जवाब भी हैं।


जब अग्नि-2 ने व्हीलर द्वीप से भर दी थी उड़ान

तारीख थी 17 मई 1999। ओडिशा के भुवनेश्वर से थोड़ी दूर समुद्र में एक छोटा सा द्वीप — व्हीलर द्वीप, जिसे आज डॉ. कलाम के नाम से जाना जाता है। सुबह का वक्त रहा होगा, करीब साढ़े दस बजे होंगे, और अचानक आसमान में एक आग का गोला तेज़ी से निकला। वो कोई उल्कापिंड नहीं, बल्कि भारत की अपनी अग्नि-2 बैलिस्टिक मिसाइल थी।

ये मिसाइल 2000 से 3000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम थी। सीधी भाषा में कहें तो दुश्मन की गहराई तक जाकर सटीक जवाब देने की ताकत। DRDO ने इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया था। और कमाल की बात ये थी कि 1998 के पोखरण परीक्षणों के ठीक एक साल बाद ही भारत ने दुनिया को ये भी दिखा दिया कि हमारे पास परमाणु हथियार पहुँचाने का भरोसेमंद ज़रिया भी है।

उस दिन जो तस्वीरें सामने आई थीं, उनमें अग्नि-2 की लंबी लौ और पीछे छूटता धुआँ साफ नज़र आ रहा था। रक्षा वैज्ञानिकों के चेहरों पर जो राहत और गर्व था, वो किसी जश्न से कम नहीं था। बाद में इसी सीरीज़ की अग्नि-3, अग्नि-4 और अग्नि-5 ने भारत की ताकत को और मज़बूत किया, लेकिन शुरुआत की नींव अग्नि-2 ने ही रखी।


1865 में बैठे 20 देश, और बन गया ITU

अब ज़रा सोचिए, 1865 का ज़माना। न मोबाइल, न इंटरनेट, न FM रेडियो। बस एक तार (टेलीग्राफ) थी जिससे दो देशों के बीच संदेश जाते थे। लेकिन हर देश के अपने नियम, अपनी तकनीक। ऐसे में अगर फ्रांस से इंग्लैंड मैसेज भेजना हो तो भारी दिक्कत आती थी। इसी परेशानी को दूर करने के लिए 17 मई 1865 को पेरिस में 20 देशों ने मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय टेलीग्राफ समझौते पर दस्तखत किए। यही संगठन आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) बन गया।

आज यही ITU दुनिया भर में रेडियो फ्रीक्वेंसी, सैटेलाइट ऑर्बिट, 5G तकनीक और इंटरनेट के नियम-कायदे तय करता है। इसी की याद में हर साल 17 मई को 'विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस' मनाया जाता है। तो अगली बार जब आप व्हाट्सएप पर मैसेज भेजें या यूट्यूब देखें, तो 17 मई 1865 वाली उस बैठक को एक बार याद कर लीजिएगा।


आज की और भी बड़ी बातें

वैसे 17 मई सिर्फ अग्नि-2 और ITU तक ही सीमित नहीं है। इस तारीख ने दुनिया को कुछ और भी दिया है:

  • 1749: एडवर्ड जेनर का जन्म। ये वही महान वैज्ञानिक हैं जिन्होंने चेचक का टीका खोजकर करोड़ों ज़िंदगियाँ बचाईं।
  • 1756: भारत और ब्रिटेन के बीच सप्तवर्षीय युद्ध की शुरुआत। इसी युद्ध ने भारत में अंग्रेज़ी हुकूमत की जड़ें गहरी कर दीं।
  • 1954: अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 'ब्राउन बनाम शिक्षा बोर्ड' मामले में स्कूलों में चल रहे रंगभेद को गैरकानूनी करार दिया।
  • 1975: राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने 36वें संविधान संशोधन को मंज़ूरी दी, जिससे सिक्किम पूरी तरह भारत का 22वाँ राज्य बन गया।
  • 1983: लेबनान युद्ध के बाद इज़राइल, लेबनान और अमेरिका ने सैनिक वापसी का समझौता किया।
  • 2006: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में अवैध व्यावसायिक भवनों को सील करने का सख्त आदेश दिया, जिससे राजधानी में हड़कंप मच गया था।

17 मई 2026 पर क्या खास

इस साल 17 मई का दिन तीन वजहों से याद रखा जाएगा। पहला, पूरी दुनिया में विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस मनाया जाएगा। स्कूलों-कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा पर सेमिनार होंगे। दूसरा, विश्व उच्च रक्तचाप दिवस भी आज ही है, जो बताता है कि बीपी की बीमारी को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। और तीसरा, आज अग्नि-2 मिसाइल की 27वीं सालगिरह है — हर भारतीय के लिए गर्व का मौका।


एग्जाम वालों के लिए खास कोना

SSC, UPSC और UPPSC की तैयारी करने वाले नीचे दिए सवाल ज़रूर याद कर लें। ये बार-बार पूछे जाते हैं:

सवाल: अग्नि-2 मिसाइल का पहला सफल परीक्षण कब और कहाँ हुआ था?
जवाब: 17 मई 1999 को ओडिशा के व्हीलर द्वीप से।

सवाल: विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस कब मनाया जाता है?
जवाब: 17 मई।

सवाल: अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) की स्थापना कब हुई थी?
जवाब: 17 मई 1865।

सवाल: चेचक का टीका खोजने वाले एडवर्ड जेनर का जन्म कब हुआ?
जवाब: 17 मई 1749।

सवाल: विश्व उच्च रक्तचाप दिवस किस तारीख को होता है?
जवाब: 17 मई।


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Disclaimer: यह लेख विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों और सरकारी वेबसाइटों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। तथ्यों की पुष्टि के पूर्ण प्रयास किए गए हैं।

SK NISHAD

Founder & Editor-in-Chief Uttar Pradesh , Chitrakoot
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My name is SK Nishad, the Founder of Dainik Dhamaka Patrika, a digital news platform dedicated to delivering accurate, reliable, and impactful news to the public. I am committed to responsible journalism and strive to highlight important issues with honesty, transparency, and integrity.
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