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12 मई का इतिहास: सिचुआन में मौत की बारिश, जोधपुर की बुनियाद और रासबिहारी का जापान पलायन — पढ़िए आज की हर बड़ी घटना

| Chitrakoot, Uttar Pradesh | May 12, 2026, 04:00 AM IST WhatsApp
12 मई का इतिहास: सिचुआन में मौत की बारिश, जोधपुर की बुनियाद और रासबिहारी का जापान पलायन — पढ़िए आज की हर बड़ी घटना

मेरे दादाजी कहा करते थे — "बेटा, इतिहास किताबों में नहीं, तारीखों में जिंदा रहता है।" और 12 मई जैसी तारीख पर नज़र डालो तो ये बात सौ फ़ीसदी सच लगती है। एक तरफ जहाँ 2008 में चीन के सिचुआन प्रांत ने ऐसा भूकंप झेला जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया, वहीं दूसरी तरफ 1459 में एक राजा ने रेगिस्तान में ऐसे शहर की नींव रखी जिसे आज हम नीले घरों वाला जोधपुर कहते हैं। और इन सबके बीच, एक बंगाली क्रांतिकारी चुपचाप जापानी जहाज़ पर सवार होकर देश छोड़ गया — ताकि बाहर से अंग्रेज़ों के खिलाफ जंग लड़ी जा सके।

बात सिर्फ इतनी सी नहीं है। 12 मई पर 'लेडी विद द लैंप' फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ, सोवियत संघ का एक स्पेसशिप चाँद पर गिरकर तबाह हो गया, और न जाने क्या-क्या हुआ। तो चलिए, एक-एक करके पूरा लेखा-जोखा समझते हैं। जो लोग किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए तो ये जानकारी बेहद काम की है। (SSC और UPPSC वाले खास ध्यान दें।)


1459: जब राव जोधा ने बसाया जोधपुर

ये बात है 15वीं सदी की। राजपूताने में एक महत्वाकांक्षी शासक थे — राव जोधा। मंडोर से शासन करते हुए उन्होंने सोचा कि एक नया और सुरक्षित किला बनाया जाए। बस, 12 मई 1459 को उन्होंने मारवाड़ की धरती पर एक पहाड़ी के ऊपर 'मेहरानगढ़' किले की नींव रखी। और किले के चारों ओर जो बस्ती बसी, वही आगे चलकर जोधपुर कहलाई। आज जोधपुर अपने नीले घरों, खस्ता-मीठी कचौरी और भव्य मेहरानगढ़ किले के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। (सोचिए, अगर उस दिन राव जोधा ने कहीं और किला बनाने का फैसला किया होता तो 'सुनो है सजना...' वाला गाना कहाँ फिल्माते?)


1666: शिवाजी महाराज और औरंगज़ेब की वो ऐतिहासिक मुलाकात

दूसरी बड़ी घटना है छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी। सन 1665 में पुरंदर की संधि हुई थी। इस संधि की एक शर्त के मुताबिक शिवाजी महाराज को मुगल बादशाह औरंगज़ेब से मिलने आगरा आना था। और 12 मई 1666 को वो आगरा पहुँच गए। लेकिन ये मुलाकात जितनी सादी लग रही थी, उतनी हुई नहीं। औरंगज़ेब ने उन्हें अपने दरबार में अपमानित किया, और बाद में उन्हें नज़रबंद कर दिया। लेकिन शिवाजी तो शिवाजी थे — कुछ ही महीनों में मिठाई के डिब्बे में छिपकर आगरा किले से भाग निकलने की जो कहानी है, वो तो आप सब जानते ही हैं।


1915: रासबिहारी बोस का साहसिक पलायन

अब बात करते हैं एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी की, जिनके बारे में शायद बहुत कम लोग जानते हैं — रासबिहारी बोस। दिल्ली में लॉर्ड हार्डिंग पर बम फेंकने की साजिश के बाद अंग्रेज़ उनकी तलाश में थे। पुलिस उनके पीछे पड़ी हुई थी। ऐसे में 12 मई 1915 को वो एक जापानी जहाज़ 'सानुकी मारू' पर सवार होकर गुप्त रूप से भारत से बाहर निकल गए।

जापान पहुँचकर उन्होंने वहाँ के प्रभावशाली लोगों से संपर्क साधा और अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ाई जारी रखी। यही वो शख्स थे जिन्होंने बाद में आज़ाद हिंद फौज की कमान सुभाष चंद्र बोस को सौंपी। अगर उस दिन रासबिहारी पकड़े जाते, तो शायद आज़ाद हिंद फौज का अगला अध्याय कभी लिखा ही नहीं जाता।


1820: 'लेडी विद द लैंप' फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म

अब एक ऐसी हस्ती की बात, जिससे शायद हर मेडिकल स्टूडेंट प्रेरणा लेता है। 12 मई 1820 को इटली के फ्लोरेंस शहर में एक अमीर परिवार में फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ। उनके माता-पिता चाहते थे कि वो समाज में कोई बड़ा रुतबा रखने वाली शादी करें, लेकिन फ्लोरेंस का मन तो बीमारों की सेवा में लगता था।

उन्होंने न सिर्फ नर्सिंग को एक सम्मानजनक पेशे का रूप दिया, बल्कि क्रीमिया युद्ध के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सैनिकों का इलाज किया। रात के समय हाथ में लालटेन लेकर जब वो मरीज़ों को देखने जाती थीं, तो सैनिक उन्हें 'लेडी विद द लैंप' कहकर बुलाते थे। आज उन्हीं के जन्मदिन पर पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है।


2008: सिचुआन में जब धरती फट पड़ी

12 मई 2008 की दोपहर... चीन का सिचुआन प्रांत। लोग अपने-अपने कामों में लगे थे। तभी अचानक रिक्टर स्केल पर 7.9 की तीव्रता का भूकंप आया। पलक झपकते ही पूरे शहर ताश के पत्तों की तरह ढह गए। आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक करीब *87,000 लोगों की मौत हुई, 3.74 लाख से ज़्यादा लोग घायल हुए और लगभग 48 लाख लोग बेघर हो गए।

ये भूकंप आधुनिक चीन की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक था। इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों का ढह जाना और बच्चों का मारा जाना पूरी दुनिया के लिए एक गहरी चोट थी।


1965: लूना-5 — चाँद पर उतरने से पहले ही तबाह

अंतरिक्ष की दौड़ के दिनों की एक दिलचस्प घटना। सोवियत संघ ने 12 मई 1965 को अपना अंतरिक्ष यान 'लूना-5' चाँद पर भेजा था। मकसद था चाँद की सतह पर 'सॉफ्ट लैंडिंग' करना। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। तकनीकी खराबी के कारण लूना-5 सीधे चाँद की सतह से टकराकर क्रैश हो गया। हालाँकि इस मिशन से सोवियत वैज्ञानिकों ने बहुत कुछ सीखा, और बाद में लूना-9 ने जाकर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की।


12 मई का एक नज़र में पूरा पैनोरमा

  • 1459: राव जोधा ने जोधपुर शहर और मेहरानगढ़ किले की नींव रखी।
  • 1666: पुरंदर संधि के बाद शिवाजी महाराज औरंगज़ेब से मिलने आगरा पहुँचे।
  • 1820: आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल का इटली में जन्म।
  • 1915: क्रांतिकारी रासबिहारी बोस गुप्त रूप से जापान रवाना।
  • 1965: सोवियत स्पेसशिप लूना-5 चाँद की सतह पर क्रैश।
  • 1965: इज़राइल और पश्चिम जर्मनी ने राजनयिक संबंध स्थापित किए।
  • 2002: अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर क्यूबा की ऐतिहासिक यात्रा पर पहुँचे।
  • 2008: चीन के सिचुआन में 7.9 तीव्रता का भूकंप, 87,000 से अधिक मौतें।
  • 2010: लीबिया में अफ्रीकिया एयरवेज़ की फ्लाइट 771 क्रैश, 104 में से 103 यात्रियों की मौत।
  • 2015: नेपाल में 7.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 218 लोगों की जान गई और भारी तबाही।

12 मई को जन्में कुछ और दिग्गज

सिर्फ नाइटिंगेल ही नहीं, 12 मई का दिन दुनिया भर की कई और बड़ी हस्तियों के जन्म का गवाह है। मशहूर अमेरिकी स्टैंड-अप कॉमेडियन जॉर्ज कार्लिन (1937) का जन्म भी इसी दिन हुआ था। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश के. जी. बालकृष्णन (1945) और प्रसिद्ध कर्नाटक संगीत गायिका अरुणा साईराम (1960) ने भी 12 मई को ही इस दुनिया में कदम रखा।


12 मई 2026 के दिन क्या है खास?

इस साल 12 मई 2026 का दिन कई मायनों में अहम है। दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाएगा। साथ ही संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस के रूप में भी मान्यता दी है।

वहीं भारत में यह दिन एक और वजह से बेहद खास है। इस वर्ष 12 मई 2026 को हनुमान जयंती का पर्व है। पूरे देश में मंगलवार के दिन बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना होगी। यह एक शुभ संयोग है जो भक्तों के लिए इस दिन को दोगुना महत्वपूर्ण बना देता है।

इसके अलावा, बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह दिन बेहद पवित्र है क्योंकि 12 मई 2026 को ही बुद्ध पूर्णिमा (Vesakh) का पर्व भी मनाया जा रहा है, जो भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों का प्रतीक है।


परीक्षार्थियों के लिए खास कोना

इस पूरे आर्टिकल में से SSC, UPPSC और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ये चार सवाल सबसे ज़्यादा अहम हैं:

  • सवाल: जोधपुर शहर की स्थापना कब और किसने की?
    जवाब: 12 मई 1459 को राव जोधा ने।
  • सवाल: अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?
    जवाब: 12 मई को, फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन पर।
  • सवाल: रासबिहारी बोस कब और किस जहाज़ से जापान गए?
    जवाब: 12 मई 1915 को 'सानुकी मारू' नामक जहाज़ से।
  • सवाल: 2008 में सिचुआन भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
    जवाब: रिक्टर स्केल पर 7.9।

तो ये थी 12 मई की पूरी कहानी। देखा जाए तो ये तारीख सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि हौसले, सेवा, रणनीति और तबाही का संगम है। अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया तो दिल खोलकर शेयर कीजिए। और कमेंट में बताइए कि 12 मई की सबसे हैरान करने वाली बात आपको कौन सी लगी।

SK NISHAD

Founder & Editor-in-Chief Uttar Pradesh , Chitrakoot
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My name is SK Nishad, the Founder of Dainik Dhamaka Patrika, a digital news platform dedicated to delivering accurate, reliable, and impactful news to the public. I am committed to responsible journalism and strive to highlight important issues with honesty, transparency, and integrity.
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