UP MLC Result 2026: 11 सीटों पर भाजपा-सपा में मुकाबला, आगरा से झाँसी तक जानिए किसका प्रदर्शन कैसा रहा
UP MLC Result 2026: 11 सीटों पर भाजपा-सपा में मुकाबला, आगरा से झाँसी तक जानिए किसका प्रदर्शन कैसा रहा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव की मतगणना के दौरान प्रदेश की राजनीति में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला। 28 अक्टूबर को दोपहर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आठ सीटों के परिणाम घोषित हो चुके थे। इनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पांच और समाजवादी पार्टी (सपा) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की। शेष तीन सीटों पर मतगणना और परिणाम संबंधी प्रक्रिया जारी होने की रिपोर्ट थी।
इस चुनाव में मेरठ की दोनों सीटों के साथ बरेली–मुरादाबाद शिक्षक, लखनऊ शिक्षक और आगरा स्नातक सीट भाजपा के खाते में गईं। दूसरी ओर, सपा ने वाराणसी शिक्षक, आगरा शिक्षक और इलाहाबाद–झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की। वाराणसी स्नातक और लखनऊ स्नातक सीटों पर सपा के उम्मीदवार आगे बताए गए, जबकि गोरखपुर–फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के उम्मीदवार बढ़त में थे।

चुनाव में 152 उम्मीदवारों ने आजमाई किस्मत
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था। इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे।
उपलब्ध चुनाव संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश में 14,81,310 मतदाता पंजीकृत थे और मतदान के लिए 2,697 मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतगणना 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे शुरू हुई। मतपत्रों की गिनती और वरीयता के आधार पर परिणाम निर्धारित करने की प्रक्रिया के कारण कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम आने में समय लगा।
विधान परिषद के इन चुनावों में भाजपा और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी मुकाबले को प्रभावित किया। खास तौर पर गोरखपुर–फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
भाजपा ने पांच सीटों पर दर्ज की जीत
1. मेरठ–सहारनपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
भाजपा के दिनेश कुमार गोयल ने इस निर्वाचन क्षेत्र में अपनी सीट बरकरार रखी। उन्होंने सपा के प्रमोद सिंह भाटी को पराजित किया। उपलब्ध रिपोर्टों में जीत का अंतर लगभग 12,855 मत बताया गया है, जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में अलग आंकड़ा प्रकाशित हुआ था। इसलिए अंतिम आधिकारिक परिणाम से अंतर की पुष्टि आवश्यक है।
2. मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने मेरठ शिक्षक सीट पर जीत हासिल की। उन्होंने सपा के नितिन कुमार तोमर को पराजित किया। रिपोर्टों के अनुसार, श्रीचंद शर्मा ने लगभग 13,241 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
मेरठ की दोनों सीटों पर भाजपा की जीत से पार्टी ने इस क्षेत्र में अपनी स्थिति बरकरार रखी।
3. बरेली–मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
इस सीट पर भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने सपा के हाजी दानिश अख्तर को हराया।
उपलब्ध अंतिम मतगणना आंकड़ों के अनुसार:
डॉ. हरि सिंह ढिल्लो (भाजपा): 21,672 वोट
हाजी दानिश अख्तर (सपा): 3,996 वोट
जीत का अंतर: 17,676 वोट
मतगणना पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर और बरेली मंडल के आयुक्त शंभू कुमार ने डॉ. ढिल्लो को निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंपा। यह भाजपा की प्रमुख जीतों में से एक रही।
4. लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
भाजपा के उमेश द्विवेदी ने लखनऊ शिक्षक सीट पर जीत हासिल की। उन्होंने सपा के सुशील कुमार को पराजित किया।
उपलब्ध परिणाम के अनुसार:
उमेश द्विवेदी (भाजपा): 13,179 वोट
सुशील कुमार (सपा): 8,371 वोट
जीत का अंतर: 6,992 वोट
इस जीत के साथ उमेश द्विवेदी ने लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपना प्रतिनिधित्व बरकरार रखा।
5. आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
आगरा स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह की जीत की रिपोर्ट सामने आई। उन्होंने सपा के शशांक यादव को पराजित किया। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी जीत का अंतर 8,856 मत बताया गया है।
इस परिणाम से आगरा क्षेत्र में भाजपा को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली। इसी क्षेत्र की शिक्षक सीट पर हालांकि सपा ने जीत दर्ज की, जिससे दोनों दलों के बीच क्षेत्रवार मुकाबले की अलग तस्वीर सामने आई।
सपा ने तीन सीटों पर दर्ज की जीत
6. वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को हराया।
उपलब्ध मतगणना रिपोर्ट के अनुसार:
लाल बिहारी यादव (सपा): 10,958 वोट
डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा (भाजपा): 6,060 वोट
प्रथम वरीयता के इन मतों का अंतर: 4,898 वोट
इस सीट पर लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। वाराणसी में भाजपा की हार चुनाव के प्रमुख परिणामों में शामिल रही।
7. आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
आगरा शिक्षक सीट पर सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरिकिशोर तिवारी को पराजित किया।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार:
डॉ. आकाश अग्रवाल (सपा): 14,046 वोट
हरिकिशोर तिवारी (भाजपा): 9,783 वोट
जीत का अंतर: 4,263 वोट
कुल पड़े मतपत्र: 29,865
निरस्त मत: 2,128
यह परिणाम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि मतगणना के दौरान हंगामे, मारपीट के आरोपों और प्रमाणपत्र सौंपे जाने में देरी को लेकर विवाद सामने आया।
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने अपने साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, भाजपा प्रत्याशी की ओर से भी आरोप लगाए गए। इन आरोपों को स्वतंत्र जांच के बिना सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
बाद में रिटर्निंग ऑफिसर नगेंद्र प्रताप ने डॉ. आकाश अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र सौंप दिया। इस घटनाक्रम के बाद प्रमाणपत्र नहीं दिए जाने की शुरुआती शिकायत की स्थिति बदल गई।
8. इलाहाबाद–झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
इलाहाबाद–झांसी स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने भाजपा के डॉ. अशोक कुमार राठौर को पराजित किया।
मतगणना के दौरान सपा उम्मीदवार ने निर्णायक बढ़त बनाई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पांचवें चरण तक डॉ. मान सिंह यादव को 27,157 वोट मिले थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार को 7,648 वोट प्राप्त हुए थे। बाद के चरणों में गिनती आगे बढ़ी और डॉ. मान सिंह यादव की जीत की रिपोर्ट सामने आई।
इस सीट पर मतगणना के दौरान अलग-अलग चरणों के आंकड़े सामने आए थे। इसलिए पांचवें चरण के मतों को अंतिम कुल मतों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
तीन सीटों पर मतगणना की स्थिति
28 अक्टूबर दोपहर तक उपलब्ध रिपोर्टों में निम्नलिखित तीन सीटों पर अंतिम परिणाम की पुष्टि बाकी थी।
9. वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा भाजपा के केदारनाथ सिंह से आगे बताए गए।
एक रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे चरण तक आशुतोष सिन्हा को कुल 16,195 वोट मिले थे, जबकि केदारनाथ सिंह को 11,800 वोट प्राप्त हुए थे। इस चरण पर सपा उम्मीदवार की बढ़त 4,395 वोट थी। कुछ लाइव रिपोर्टों में बढ़त का आंकड़ा अलग समय पर अलग बताया गया है।
यह मतगणना के बीच का आंकड़ा है, अंतिम परिणाम नहीं।
10. लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह शुरुआती चरणों में आगे थीं। चार राउंड की मतगणना के बाद उनकी बढ़त लगभग 7,000 वोट बताई गई थी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस सीट का अंतिम आधिकारिक परिणाम और उम्मीदवारवार अंतिम मतों का प्रमाणित विवरण नहीं मिला। इसलिए कांति सिंह की बढ़त को अंतिम जीत नहीं माना जाना चाहिए।
11. गोरखपुर–फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
इस सीट पर भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच कड़ा मुकाबला रहा। सपा के संजयन त्रिपाठी भी चुनाव में प्रमुख उम्मीदवार थे।
एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम चरण की मतगणना के बाद:
ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भाजपा): 11,881 वोट
राजीव यादव (निर्दलीय): 11,415 वोट
संजयन त्रिपाठी (सपा): 8,301 वोट
भाजपा उम्मीदवार की दर्ज बढ़त: 466 वोट
हालांकि, मतगणना प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों ने आपत्तियां उठाईं। रिपोर्टों में मऊ के एक बूथ से संबंधित मतपेटी में दर्ज आंकड़ों और मिले मतों के बीच 52 मतों के अंतर की शिकायत का उल्लेख किया गया। इस विवाद के बाद मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठे और सपा की ओर से विरोध दर्ज कराया गया।
इस सीट पर अंतिम परिणाम की पुष्टि के लिए रिटर्निंग ऑफिसर की आधिकारिक घोषणा आवश्यक है।
आगरा मतगणना विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई
आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान हुए विवाद ने चुनाव प्रक्रिया पर व्यापक सवाल खड़े किए। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने अपने साथ मारपीट किए जाने और मतगणना में अनियमितताओं का आरोप लगाया। भाजपा प्रत्याशी की ओर से भी आरोप लगाए गए।
चुनाव आयोग ने आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पर्यवेक्षण और ड्यूटी संबंधी चूकों को लेकर छह पर्यवेक्षी अधिकारियों के तत्काल निलंबन का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त पांच पीठासीन अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई।
हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाई और प्रत्याशियों की ओर से लगाए गए आरोप अलग-अलग विषय हैं। किसी व्यक्ति या दल की जिम्मेदारी तभी निर्धारित की जा सकती है जब संबंधित जांच और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आएं।
चुनाव परिणामों की राजनीतिक तस्वीर
28 अक्टूबर दोपहर तक उपलब्ध घोषित परिणामों के आधार पर भाजपा ने पांच और सपा ने तीन सीटों पर जीत हासिल की थी। बाकी तीन सीटों पर मतगणना जारी थी।
भाजपा ने मेरठ की दोनों सीटों के साथ बरेली–मुरादाबाद शिक्षक, लखनऊ शिक्षक और आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की। दूसरी ओर, सपा ने वाराणसी शिक्षक, आगरा शिक्षक और इलाहाबाद–झांसी स्नातक सीट पर सफलता हासिल की।
इन परिणामों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति मजबूत दिखाई दी, जबकि वाराणसी और आगरा शिक्षक सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की। हालांकि, विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों से पूरे प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजों का सीधा अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
उत्तर प्रदेश MLC चुनाव 2026 में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। आठ सीटों के घोषित परिणामों में भाजपा ने पांच और सपा ने तीन सीटें जीतीं। आगरा शिक्षक सीट पर डॉ. आकाश अग्रवाल की जीत, वाराणसी शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की सफलता और इलाहाबाद–झांसी स्नातक सीट पर डॉ. मान सिंह यादव की जीत चुनाव के प्रमुख घटनाक्रम रहे।
तीन सीटों की मतगणना और विवादों से जुड़ी स्थिति के अंतिम निष्कर्ष के लिए आधिकारिक परिणामों की पुष्टि आवश्यक है। पाठकों को उम्मीदवारों की बढ़त और अंतिम जीत के बीच अंतर समझना चाहिए तथा अपुष्ट आंकड़ों को अंतिम परिणाम के रूप में साझा करने से बचना चाहिए।


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