इटावा- सफारी पार्क के बब्बर शेर प्रजनन केंद्र में जहाँ एक तरफ शेरनी नीरजा के 4 नन्हे शावक अपनी माँ के साथ पल रहे हैं और उसके 5 अर्द्ध वयस्क शेर- शेरनियां दूसरे बाड़े में अठखेलियाँ कर रहे हैं वही दूसरी ओर बुजुर्ग बब्बर शेर, लॉयन हाउस नम्बर 2 में आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं।
वृद्ध शेरों में हीर नामक शेरनी सबसे उम्रदराज है। जिसकी उम्र लगभग 18 वर्ष है जबकि गीगो नामक बब्बर शेर एवं जेसिका नाम की शेरनी की उम्र लगभग 17 वर्ष है। इन तीनों शेरों में वृद्धावस्था के लक्षण परिलक्षित हो रहे हैं| सभी बुजुर्ग बब्बर शेरों के क्राल में विशेष फोगर सिस्टम लगाया गया है ताकि उन्हें गर्मी और लू से बचाव किया जा सके। साथ ही लॉयन हाउस 2 के पास विकसित किये गए सफारी पार्क 2 में इन वृद्ध शेरों के लिये एक्सरसाइज के समुचित क्षेत्र भी प्रदान किया गया है। सफारी पार्क के वन्य जीव चिकित्सकों द्वारा इन तीनों शेरों को विटामिन एवं अन्य आवश्यक अनुपूरक दवाएं समय समय पर दी जा रही है ताकि इनके बढ़ती उम्र के लक्षणों को कुछ कम किया जा सके। सामान्यतः बब्बर शेरों का अपने प्राकृतवास (वाइल्ड) में जीवनकाल औसतन 14 से 16 वर्ष का होता है जबकि प्राणी उद्यान/सफारी में इनकी आयु 20 वर्ष तक हो सकती है। नर शेरों की अपेक्षा मादा शेरों की औसत आयु कम होती है। इंसानों की तरह बब्बर शेरों में भी बढ़ती उम्र के साथ वृद्धावस्था के लक्षण दिखने लगते है। बब्बर शेरों में 12-13 साल की उम्र के बाद प्रकट होने वाले लक्षणों में कैनाइन दांतों में पीलापन बढ़ना, आंखों से चमक का कम होना, त्वचा में ढीलापन, निचले होंठो में लटकाव एवं स्फूर्ति में कमी आना शामिल है।शेरनी जेसिका 7 से अधिक बार प्रजनन कर चुकी है तथा मनन नामक शेर के साथ मेटिंग करके उसने 8 बब्बर शेरों को इटावा सफारी पार्क में जन्म दिया है।सफारी पार्क में वर्तमान में कुल 23 बब्बर शेर हैं, जिनमें से 07 नर, 12 मादा और 04 नवजात शावक हैं।सफारी में वर्तमान में प्रथम पीढ़ी के शेरों में सिम्बा, सुल्तान, रूपा, सोना, गार्गी, नीरजा तथा विश्वा हैं एवं दूसरी पीढ़ी के अज्जू, जया, आशी, क्रुपा, निक, निक्की, किन्नी और 04 शावक हैं। हीर एवं गीगो से कोई भी शावक इटावा सफारी पार्क में उत्पन्न नहीं हो सका है परंतु यहां के खुशनुमा वातावरण में ये अपनी वृद्धावस्था अच्छे ढंग से जी रहे हैं। इटावा सफारी पार्क में छह भालुओं से वर्तमान में भालू सफारी का संचालन किया जा रहा है। 06 भालुओं में से सबसे बुजुर्ग भालू कालिया है जिसकी उम्र लगभग 25 वर्ष है। सामान्यतः भालुओं की औसत आयु 16 से 40 वर्ष होता है।
इसी प्रकार 06 अर्द्ध वयस्क लेपर्ड से लेपर्ड सफारी संचालित है जबकि वर्तमान में कुल 24 लेपर्ड इटावा सफारी पार्क में वास कर रहे हैं। सबसे वृद्ध 03 लेपर्ड ऋचा, श्रीश और कार्तिक हैं जो 16 वर्ष से अधिक आयु के हैं जबकि लेपर्ड की औसत उम्र 14-16 वर्ष होती है।




टिप्पणियाँ (0)
कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले टिप्पणी करें!
एक टिप्पणी लिखें
आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा। आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *