इटावा। जनपद इटावा में सम्पत्ति के लालच ने रिश्तों को तार-तार कर दिया। पिता की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मृतक के पुत्र को ही हत्यारा करार दिया है। आरोपी बेटे ने पहले अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्त जांच और पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार वादी गजराज सिंह पुत्र मुन्नालाल, निवासी ग्राम निलोई, थाना जसवन्तनगर ने लिखित तहरीर देकर सूचना दी थी कि उसके पिता मुन्नालाल की किसी अज्ञात व्यक्ति ने हत्या कर दी है तथा शव को कमरे में जला दिया गया है। सूचना पर तत्काल थाना जसवन्तनगर में मु0अ0सं0 21/26 धारा 103(1)/238(a) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी आयुत्री सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। ग्राम निलोई, आस-पास के लोगों और रिश्तेदारों से गहन पूछताछ की गई। इसी दौरान संदेह की सुई वादी गजराज पर आकर टिक गई।
पुलिस विवेचना और पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अभियुक्त गजराज बेरोजगार था और शराब पीने का आदी था। उस पर कई लोगों का कर्ज हो गया था, जिसे चुकाने के लिए वह खेत बेचना चाहता था। पिता मुन्नालाल खेत बेचने के खिलाफ थे, इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच अक्सर विवाद और झगड़े होते रहते थे। रंजिश बढ़ने पर गजराज ने रात में डंडे से पिता की बेरहमी से पिटाई कर उनकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के इरादे से उसने शव को बिस्तर पर लिटाया, कमरे में मौजूद बोरी व रजाई शव के ऊपर डालकर आग लगा दी और फिर खुद ही अज्ञात हत्या की झूठी सूचना दे दी।
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त गजराज को ग्राम निलोई से गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में थाना जसवन्तनगर के थानाध्यक्ष कमल भाटी अपनी टीम के साथ सक्रिय रहे और त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझाई।
इटावा पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि अपराध चाहे जितना भी शातिर तरीके से किया जाए, कानून की पकड़ से बचना संभव नहीं है। पुलिस अब अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।




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