इटावा। चौबिया थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय बालिका की शादी सैफई थाना क्षेत्र के 25 वर्षीय युवक से कराई जा रही थी। युवक पहले से विवाहित था, जिसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और वह एक बच्चे का पिता भी है। गांव में शादी का माहौल था। भोजन व्यवस्था चल रही थी, रस्में निभाई जा रही थीं और बालिका को हल्दी भी लगाई जा चुकी थी, हाथों में कंकन बंधा हुआ था। देर शाम बारात आने की पूरी तैयारी थी।
इसी बीच चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली शिकायत के आधार पर बाल संरक्षण टीम सक्रिय हो गई। बाल संरक्षण अधिकारी सोहन गुप्ता के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन की जिला समन्वयक कीर्ति गुप्ता, केस वर्कर अर्पित, एएचटीयू प्रभारी इंस्पेक्टर प्रेमचंद यादव, कांस्टेबल रफीक अहमद व महिला कांस्टेबल प्रीती थाना चौबिया पहुंचे। थानाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने तत्परता दिखाते हुए उपनिरीक्षक मानसिंह व कांस्टेबल रवि को टीम के साथ मौके पर भेजा।
संयुक्त टीम ने गांव पहुंचते ही शादी की चल रही रस्मों को रुकवा दिया। बारात आने से ठीक पहले बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और जिला मुख्यालय लाया गया। यहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, जिसके बाद उसे न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। अचानक हुई इस कार्रवाई से शादी की तैयारियां पूरी तरह धरी रह गईं।
बाल संरक्षण विशेषज्ञ प्रेम कुमार शाक्य का कहना है कि नाबालिग बालिका का विवाह पूरी तरह अवैध है और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह दंडनीय अपराध है।




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