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हॉकी का नया 'पावरहाउस' बना उत्तर प्रदेश: 16 साल में 21 मेडल जीतकर यूपी ने रचा इतिहास, अब ओलंपिक की तैयारी

हॉकी का नया 'पावरहाउस' बना उत्तर प्रदेश: 16 साल में 21 मेडल जीतकर यूपी ने रचा इतिहास, अब ओलंपिक की तैयारी

हॉकी का नया 'पावरहाउस' बना उत्तर प्रदेश: 16 साल में 21 मेडल जीतकर यूपी ने रचा इतिहास, अब ओलंपिक की तैयारी

UP Hockey : उत्तर प्रदेश की मिट्टी और हॉकी का रिश्ता सदियों पुराना है, लेकिन आज जो खबर सामने आ रही है, वह यह साबित करती है कि यूपी अब सिर्फ हॉकी का इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य भी लिख रहा है। उत्तर प्रदेश हॉकी ने नेशनल चैंपियनशिप के विभिन्न वर्गों में पिछले 16 वर्षों के दौरान कुल 21 मेडल जीतकर भारतीय हॉकी के पावरहाउस के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली है।

हाल ही में बिहार के राजगीर में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर पुरुष नेशनल चैंपियनशिप 2026 में यूपी की टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी बादशाहत का लोहा मनवाया है।

ग्रासरूट लेवल पर 'जादू': आखिर कैसे बदल रही है तस्वीर?

यूपी हॉकी की इस सफलता के पीछे कोई तुक्का नहीं, बल्कि पिछले 16 सालों की कड़ी मेहनत और एक ठोस स्ट्रक्चर है। यूपी ने जिला स्तर पर टैलेंट की खोज (Scouting) और फिर उन्हें अत्याधुनिक अकादमियों में तराशने का जो मॉडल अपनाया है, वह अब रंग ला रहा है।

  • हालिया तेजी: गौर करने वाली बात यह है कि इन 21 मेडल्स में से 15 मेडल तो अकेले 2021 के बाद आए हैं।
  • सब जूनियर दबदबा: 2018 से अब तक सब जूनियर पुरुषों ने 8 मेडल (4 गोल्ड समेत) जीते हैं, जो बताता है कि यूपी की पौध बहुत मजबूत है।

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मेजर ध्यानचंद की विरासत को नई उड़ान: 15 से ज्यादा एस्ट्रोटर्फ

यूपी में हॉकी का ग्राफ ऊपर जाने का एक बड़ा कारण यहाँ का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) है। हाल के वर्षों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग कोनों जैसे लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, झाँसी, रामपुर, सैफई और आगरा में 15 से अधिक 'एस्ट्रोटर्फ' (AstroTurf) मैदान तैयार किए गए हैं।

डॉ. आर.पी. सिंह (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश हॉकी) का कहना है कि सरकार और संघ का लक्ष्य हर जिले में विश्वस्तरीय सुविधाएं पहुँचाना है ताकि गाँव का बच्चा भी ओलंपिक का सपना देख सके।

यूपी के वो सितारे जो टीम इंडिया की जान हैं

आज भारतीय सीनियर टीम हो या जूनियर, यूपी के खिलाड़ियों के बिना अधूरी लगती है।

  • ललित उपाध्याय: अर्जुन अवॉर्डी और दो बार के ओलंपिक ब्रोंज मेडलिस्ट।
  • राज कुमार पाल: 2024 पेरिस ओलंपिक के स्टार।
  • युवा ब्रिगेड: उत्तम सिंह, मुमताज खान, अमीर अली और शारदा नंद तिवारी जैसे नाम आज दुनिया भर में अपनी चमक बिखेर रहे हैं।

महान दिग्गजों की विरासत: जफर इकबाल से ध्यानचंद तक

उत्तर प्रदेश ने देश को मेजर ध्यानचंद, कुंवर दिग्विजय सिंह (केडी सिंह बाबू), मोहम्मद शाहिद और जफर इकबाल जैसे महान खिलाड़ी दिए हैं। जफर इकबाल साहब को हाल ही में हॉकी इंडिया के 8वें वार्षिक पुरस्कारों में 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से नवाजा गया है। उनकी यह विरासत आज की नई पीढ़ी के लिए एक मशाल की तरह है।


भारतीय हॉकी का भविष्य सुरक्षित है

यूपी हॉकी के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. सिंह ने अपनी टीम और कोचों का आभार जताते हुए कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। जिस तरह से सब जूनियर और जूनियर स्तर पर मेडल आ रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब टीम इंडिया के 11 में से आधे खिलाड़ी अकेले उत्तर प्रदेश से होंगे।

आपकी राय: क्या आपको लगता है कि हॉकी को भी क्रिकेट की तरह हर जिले में प्रोफेशनल लीग की जरूरत है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें और इस गौरवशाली खबर को हर खेल प्रेमी तक शेयर करें!

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Lucknow, Uttar Pradesh

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